दस लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दिए जाने की संभावना

20-Jan-2025 10:45 AM

नई दिल्ली । वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार घरेलू बाजार में घटती कीमतों को ध्यान में रखते हुए मिलों को बेहतर वापसी हासिल करने में सहायता देने के उद्देश्य से 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि स्वदेशी चीनी उद्योग की दोनों शीर्ष संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) तथा नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज (एन एफ सी एस एफ) चीनी के निर्यात की स्वीकृति देने के लिए सरकार पर दबाव डाल रही थी। 

हालांकि इस्मा 20 लाख टन चीनी के निर्यात की मंजूरी पर जोर दे रहा था लेकिन दिसम्बर 2024 में केन्द्रीय खाद्य सचिव ने कहा था कि सरकार वास्तविक अधिशेष स्टॉक के आधार पर निर्यात के बारे में कोई निर्णय ले सकती है।

सरकार की पहली दो प्राथमिकताओं में घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा एथनॉल निर्माण में अधिशेष स्टॉक का इस्तेमाल बढ़ाना शामिल है।

इसके बाद अगर स्टॉक बचता है तो उसके निर्यात की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है। सही समय आने पर इस मामले में आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

केन्द्र सरकार ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान देश में 320 लाख टन चीनी का उत्पादन तथा 285-290 लाख टन चीनी के उपयोग का अनुमान लगाया है।

इसके अलावा एथनॉल निर्माण में 40 लाख टन चीनी के इस्तेमाल की संभावना व्यक्त की जा रही है। चालू मार्केटिंग सीजन के आरंभ में उद्योग के पास करीब 79 लाख टन चीनी का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था।

इस तरह आपूर्ति एवं उपलब्धता तथा मांग एवं खपत के समीकरण के आधार पर वर्तमान  मार्केटिंग सीजन के अंत में यानी 30 सितम्बर 2025 को उद्योग के पास 69 लाख टन चीनी का कुल स्टॉक बचने की उम्मीद है।

इसमें से आगामी मार्केटिंग सीजन (2025-26) के शुरुआती ढाई महीने के लिए आवश्यक स्टॉक 58-60 लाख टन को आरक्षित करने के बाद उद्योग के पास 9-10 लाख टन चीनी का अधिशेष स्टॉक मौजूद रहेगा जिसके निर्यात की अनुमति देने का निर्णय लिया जा रहा है।