दलहन-तिलहन में देश को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
08-Apr-2026 11:17 AM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने देश को खाद्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि इसके तहत खासकर दलहन एवं तिलहन की पैदावार बढ़ाने पर किसानों को ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
सरकार इस सम्बन्ध में हर संभव सहायता सुनिश्चित करेगी ताकि देश को किसी भी खाद्य उत्पाद के लिए विदेशों से आयात पर निर्भर न रहना पड़े। वर्तमान समय में खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता 55 प्रतिशत है जबकि दलहनों के आयात पर निर्भरता 2022-23 के 8 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 21 प्रतिशत पर पहुंच गई।
कृषि मंत्री का कहना है कि देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दलहन-तिलहन के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना आवश्यक है। खाद्य तेलों और दलहनों के आयात पर विशाल धन राशि खर्च होती है और भारतीय किसानों को भी अपने उत्पाद का आकर्षक एवं लाभप्रद मूल्य प्राप्त नहीं हो पाता है।
भारतीय किसान दलहन-तिलहन का उत्पादन बढ़ाने में सक्षम हैं और उन्हें सिर्फ उचित प्रोत्साहन की जरूरत है। सरकार विभिन्न उपायों एवं कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को सहयोग-समर्थन प्रदान कर रही है।
