होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद
08-Apr-2026 01:05 PM
मुम्बई। ईरान और अमरीका के बीच दो सप्ताहों के लिए अस्थायी युद्ध विराम (सीजफायर) पर सहमति बन गई है और ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के जल मार्ग को खोलने की घोषणा कर दी है। इससे उन सैकड़ों जहाजों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने के लिए सुरक्षित रास्ता मिल गया है जो पिछले अनेक दिनों से वहां फंसे हुए थे।
इन जहाजों पर क्रूड खनिज तेल तथा एलपीजी के अलावा कृषि उत्पाद एवं अन्य सामान लदे हुए हैं। आवाजाही सामान्य होने से विभिन्न देशों को राहत मिलेगी और वहां तेल-गैस का संकट कुछ हद तक दूर हो सकेगा।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि युद्ध विराम की अवधि के दौरान यदि अमरीका तथा इजरायल ईरान पर हमला नहीं करता है तो मजबूत ईरानी सेना भी जवाबी कार्रवाई नहीं करेगी। दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है।
होर्मुज जलडमरू मध्य (स्ट्रेट) पर ईरान और ओमान का अधिकार बरकरार रहेगा और सीज फायर की अवधि के दौरान इस रास्ते से आने-जाने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूला जाएगा। इससे युद्ध में ईरान को हुए नुकसान की भरपाई करने में सहायता मिलेगी।
इस अस्थायी युद्ध विराम से भारत को भी काफी राहत मिलने की संभावना है। चावल, चाय, मसाले फल एवं सब्जी आदि से लदे जो भारतीय जहाज रास्ते में फंस गए थे वे अब ईरान सहित पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में पहुंच जाएंगे और उससे आगे भी इन जहाजों को जाने में कठिनाई नहीं होगी।
