दलहनों के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा बढ़ने की उम्मीद
13-Mar-2026 01:56 PM
नई दिल्ली। भारत में 31 मार्च 2026 तक दो प्रमुख दलहन - अरहर (तुवर) एवं उड़द के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गयी थी। इसका समय काफी निकट आ गया है। लेकिन पश्चिम एशिया में जारी संकट तथा अलनीनो मौसम चक्र के संभावित खतरे को देखते हुए प्रतीत होता है कि सरकार जल्दी ही इन दोनों दलहनों के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा बढ़ाने का निर्णय ले सकती है।
इसके अलावा देसी चना तथा मसूर पर 10-10 प्रतिशत एवं पीली मटर पर 30 प्रतिशत का जो आयात शुल्क लागू है उसमें भी कोई बदलाव किए जाने की सम्भावना नहीं है। दलहनों का घरेलू उत्पादन कम हुआ है और खासकर तुवर एवं उड़द की पैदावार में गिरावट आई है जिससे इसके विशाल आयात की आवश्यकता कायम रहेगी। दलहनों की घरेलू मांग एवं खपत तेजी से बढ़ती जार रही है।
उल्लेखनीय है कि भारत में तुवर का आयात मुख्यतः म्यांमार एवं अफ्रीका से तथा उड़द का आयात म्यांमार एवं ब्राजील से होता है। ईरान-अमरीका युद्ध के कारण सामुद्रिक परिवहन खर्च (बीमा व्यय सहित) लगातार बढ़ता जा रहा है। अफ्रीकी देशों एवं ब्राजील से दलहनों का आयात महंगा होने लगा है। ऐसी हालत में सरकार तुवर एवं उड़द पर आयात शुल्क लगाने का प्रयास करेगी।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार 2024-25 की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान तुवर का घरेलू उत्पादन 36.24 लाख टन से 4.66 प्रतिशत गिरकर 34.55 लाख टन रह जाने की सम्भावना है। उड़द के उत्पादन में इससे ज्यादा की गिरावट आई है।
