सरसों की कुल उपलब्धता 125.40 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान
06-Apr-2026 04:30 PM
नई दिल्ली। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने 2025-26 सीजन के दौरान भारत में सरसों की कुल उपलब्धता 125.40 लाख टन होने की संभावना व्यक्त की है जो सरकारी अनुमान से कम मगर उद्योग-व्यापार संगठनों के अनुमान से ज्यादा है।
उस्डा की रिपोर्ट की अनुसार 2025-26 के सीजन में भारत में 120 लाख टन सरसों का उत्पादन होना जबकि 5.40 लाख टन का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद है। सरसों का आयात नहीं होता है।
उस्डा की रिपोर्ट के मुताबिक 2025-26 के सीजन के दौरान भारत में 119.75 लाख टन सरसों की खपत होगी और सीजन के अंत में 5.65 लाख टन का अधिशेष स्टॉक बच जाएगा।
प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में सरसों की जोरदार आवक रही है और इसका दाम भी सरकारी समर्थन मूल्य से ऊंचा चल रहा है। इससे किसानों को अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है जबकि सरकारी एजेंसियों को इस महत्वपूर्ण तिलहन की खरीद का ज्यादा अवसर नहीं मिल रहा है।
पिछले साल की तुलना में इस बार सरसों के बिजाई क्षेत्र में कुछ बढ़ोत्तरी हुई मौसम भी संतोषजनक रहा। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल एवं गुजरात सरसों की प्रमुख उत्पादक राज्य है जबकि बिहार, आसाम एवं पंजाब सहित कुछ अन्य राज्यों में भी इसका उत्पादन होता है।
