तुवर, उड़द एवं मसूर की सरकारी खरीद आक्रामक ढंग से करने का प्लान
22-Jan-2025 03:37 PM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार का इरादा मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) तथा मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) स्कीम के माध्यम से किसानों से अरहर (तुवर), उड़द एवं मसूर जैसे प्रमुख दलहनों की जोरदार खरीद करने का है ताकि उत्पादकों को यह निश्चित भरोसा मिल सके कि उसके उत्पादों को सरकार द्वारा अवश्य खरीदा जाएगा। इससे किसानों को दलहनों का उत्पादन बढ़ाने का प्रोत्साहन भी मिलेगा।
दो सरकारी एजेंसियों- भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) तथा राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) को इन दलहनों की खरीद आक्रामक ढंग से शुरू करने का निर्देश दिया गया है ताकि किसानों को उत्पादन बढ़ाने हेतु प्रोत्साहित किया जा सके।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एक उच्च स्तरीय अंतर- मंत्रालयी मीटिंग में उपरोक्त दोनों सहकारी एजेंसियों को दलहनों की खरीद के लिए निर्देश जारी किया गया। इस बैठक में कृषि मंत्रालय तथा खाद्य मंत्रालय के साथ-साथ अन्य सम्बद्ध मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि ये दोनों एजेंसियां पहले ही महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश जैसे शीर्ष दलहन उत्पादक राज्यों में लगभग 21 लाख किसानों से उनके उत्पादों की खरीद के लिए उसका रजिस्ट्रेशन कर चुकी है। यह पंजीकरण बिजाई सीजन शुरू होने से पूर्व ही किया गया था।
पीएसएस के तहत किसानों से दलहनों (या अन्य कृषि उत्पादों) की खरीद उस समय की जाती है जब उसका मंडी भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ जाता है।
इसी तरह पीएसएस के अंतर्गत सरकार अपना बफर स्टॉक बढ़ाने के लिए प्रचलित बाजार मूल्य पर दलहनों की खरीद करती है और फिर रियायती दाम पर उसे उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाती है।
सरकार पहले ही उड़द, अरहर एवं मसूर की शत-प्रतिशत विपणन योग्य स्टॉक की खरीद का संकल्प व्यक्त कर चुकी है।
उल्लेखनीय है कि देश में विदेशों से विशाल मात्रा में इन तीनों दलहनों का आयात किया जाता है जिस पर भारी-भरकम धनराशि खर्च होती है।
विदेशी आयात के कारण भारतीय किसानों को अपने दलहनों का आकर्षक मूल्य प्राप्त नहीं हो रहा था लेकिन अब सरकार न केवल उससे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इसकी खरीद कर रही है बल्कि जरूरत पड़ने पर औसत मंडी भाव पर भी इसकी खरीद करने से नहीं हिचक रही है।
