तुवर आयात समय सीमा को एक साल बढ़कर 31 मार्च 2026 किया गया

21-Jan-2025 09:57 AM

तुवर आयात समय सीमा को एक साल बढ़कर 31 मार्च 2026 किया गया
★ उम्मीद के अनुसार केंद्र सरकार ने समय से पहले तुवर आयात समय सीमा को अगले एक साल के लिए बढ़ाया।
★ समय से पहले आयात समय सीमा बढ़ाए जाने से साफ़ संकेत मिलता है कि सरकार किसी भी हाल में सप्लाई की चैन को तोड़ना नहीं चाहती, पहले सर्कुलर ख़त्म होने से दो दिन पूर्व सूचना दी जाती थी परन्तु अब ऐसा नही।
★ गत सीजन में घटे उत्पादन के कारण 2024-25 वित्त वर्ष में बड़ी मात्रा में हो चुका है तुवर आयात। अप्रैल से दिसंबर 2024 तक करीब 10.9 लाख टन पहुंचा आयात जो गत वर्ष 6.27 व 2022-23 में 6.34 लाख टन व 2021-22 में 5.92 लाख टन था। आकड़ों के अनुसार तुवर आयात गत 4 सालों में बढ़ा।
★ पिछले वित्त वर्ष में कुल 7.7 लाख टन, 2022-23 में 8.96 व 2021-22 में 8.4 लाख टन आयात हुआ।
★ चालू सीजन के पहले 9 महीनों (अप्रैल से दिसंबर) तक तुवर आयात ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा।
★ अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 12-13 लाख टन आयात संभावित।
★ श्रीलंका में हुई SAAF मीटिंग में कहा गया कि भारत में तुवर उत्पादन 38 लाख टन, म्यांमार में 3.75 व अफ्रीकन देशों में भी उत्पादन बढ़ने की सम्भावना जिसके चलते भविष्य में तुवर उपलब्धता बनी रहेगी।
★ फरवरी के अंत से म्यांमार से नई तुवर का आयात होगा शुरू। साथ ही घरेलू फसल भी आ चुकी होगी।
★ सीजन के अंत में तुवर उपलब्धता खपत से अधिक होने की सम्भावना।
★ तुवर सप्लाई, डिमांड, आयात, खपत आकड़े उपरोक्त टेबल में दिए हुए हैं।