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22-Oct-2026 05:30 PM
नई दिल्ली। देश के कुछ राज्यों में रबी कालीन फसलों की बिजाई आरंभ हो चुकी है लेकिन फिलहाल इसकी गति पिछले साल से काफी धीमी देखी जा रही है। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष पिछले सप्ताह तक राष्ट्रीय स्तर पर रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 3.43 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 4.65 लाख हेक्टेयर से 1.22 लाख हेक्टेयर या 26 प्रतिशत कम है।
अभी कुछ ही राज्यों में और चुनिंदा रबी फसलों की खेती आरंभ हुई है जबकि आगामी समय सभी राज्यों में विभिन्न फसलों की बिजाई तेज गति से शुरू होने की उम्मीद है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से ज्ञात होता है कि रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की बोआई फिलहाल शुरू नहीं हुई है जबकि इसकी खेती ही सबसे ज्यादा क्षेत्रफल में होती है।
गेहूं के अलावा अभी तक बाजरा, रागी, मूंग, सूरजमुखी एवं करडी या कुसुम (सैफ्लावर) की बिजाई भी आरंभ नहीं हो सकी है जबकि कुछ फसलों की बिजाई आरंभ होने के बावजूद रकबा अभी बहुत कम है। जहां तक धान, दलहन एवं तिलहन फसलों का सवाल है तो इसकी खेती कुछ राज्यों में आरंभ हो गई है।
समीक्षाधीन अवधि दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र 1.34 लाख हेक्टेयर से 34 प्रतिशत घटकर 88 हजार हेक्टेयर पर अटक गया। चना का रकबा 6000 हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि गत वर्ष इस समय तक इसकी बिजाई शुरू नहीं हुई थी।
रबी कालीन दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 10 हजार हेक्टेयर से 50 प्रतिशत बढ़कर इस बार 15 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया। ज्वार का रकबा 8 हजार हेक्टेयर और मक्का का क्षेत्रफल 2 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा है जो गत वर्ष के लगभग बराबर ही है। जौ का बिजाई क्षेत्र 1000 हेक्टेयर पर पहुंचा है।
रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल-सरसों की बिजाई गत वर्ष के 3.10 लाख हेक्टेयर से 27 प्रतिशत घटकर इस बार 2.26 लाख हेक्टेयर रह गई। मूंगफली का रकबा बढ़ा है।