शिपमेंट खर्च ऊंचा होने से चावल की निर्यात मांग कमजोर

23-Mar-2026 05:00 PM

हैदराबाद। एशिया के प्रमुख चावल निर्यातक देशों- भारत, थाईलैंड, वियतनाम, पाकिस्तान एवं म्यांमार में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का निर्यात ऑफर मूल्य कमजोर पड़ता जा रहा है क्योंकि एक तो खाड़ी युद्ध के कारण जहाजों का किराया भाड़ा काफी बढ़ गया है

और दूसरे, प्रमुख आयातक देशों में इसका अच्छा खासा स्टॉक अभी मौजूद है। खाड़ी क्षेत्र के देशों में बासमती चावल में रमजान की मांग पहले ही समाप्त हो चुकी है। 

एशिया तथा अफ्रीका के अधिकांश आयातक देशों द्वारा दिसम्बर 2025 से फरवरी 2026 के दौरान भारी  मात्रा में चावल का आयात करके इसका ऊंचा स्टॉक बनाया गया इसलिए फिलहाल उसे जल्दबाजी में इसकी खरीद के लिए विवश नहीं होना पड़ रहा है।

ये देश खाड़ी युद्ध समाप्त होने तथा सामुद्रिक परिवहन खर्च में कमी आने का इंतजार कर रहे हैं। वियतनाम एवं थाईलैंड में चावल का निर्यात ऑफर मूल्य भारत और पाकिस्तान से ऊंचा चल रहा है।

वियतनाम से 1 जनवरी-15 मार्च 2026 के दौरान 17.40 लाख टन चावल का निर्यात हुआ। भारत से भी जनवरी-फरवरी में चावल का निर्यात प्रदर्शन अच्छा रहा था। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है।