शिपमेंट खर्च एवं सीमा चार्ज में वृद्धि से पाम तेल की मांग भी प्रभावित

12-Mar-2026 05:38 PM

जकार्ता। कारोबार पर भी देखा जा रहा है। अमरीका, लैटिन अमरीका तथा काला सागर क्षेत्र से सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल के निर्यात शिपमेंट में जोखिम बढ़ गया है। इसी तरह इंडोनेशिया एवं मलेशिया से अफ्रीका तथा यूरोप / अमरीका को पाम तेल भेजने में समस्या होने लगी है।

मिलिंग कंपनियां होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते अपने जहाजों को भेजने से इंकार कर रही हैं और बीमा कंपनियां भी जहाजों तथा उस पर लादे सामानों का इंश्योरेंस नहीं कर रही हैं।

हालांकि दक्षिण एशिया में इंडोनेशिया से पाम तेल के शिपमेंट में कोई जोखिम नहीं है क्योंकि यह समुद्री मार्ग फिलहाल आवागमन के लिए पूरी तरह सुरक्षित है लेकिन दूरस्थ देशों में पाम तेल की मांग कुछ कमजोर पड़ गई है।

जब तक ईरान का इजरायल एवं अमरीका के साथ युद्ध जारी रहता है तब तक हालात में ज्यादा बदलाव आना मुश्किल लगता है।

इंडोनेशिया संसार में पाम तेल का सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है। वहां से दुनिया के अनेक  देशों को इसका बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है।

इंडोनेशिया को मध्य पूर्व एशिया में पाम तेल का शिपमेंट करने में कठिनाई हो रही है। पिछले साल उसने इस क्षेत्र के देशों को करीब 18 लाख टन पाम तेल का शिपमेंट किया था जो उसके कुल निर्यात का करीब 5 प्रतिशत रहा था।