सरसों का उत्पादन 133 लाख टन से ज्यादा होने का सरकारी अनुमान
12-Mar-2026 03:52 PM
नई दिल्ली। हालांकि रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों के उत्पादन का व्यापारिक आंकड़ा 14-15 मार्च को भरतपुर में आयोजित होने वाले तिलहन-तेल सेमिनार में आमने आएगा मगर उससे पूर्व केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने जो दूसरा अग्रिम अनुमान जारी किया है उससे पता चलता है कि सरसों की पैदावार में 7 लाख टन से ज्यादा की वृद्धि हो सकती है। नई फसल की कटाई पहले ही शुरू हो चुकी है।
मंत्रालय के मुताबिक 2025-26 के मौजूदा रबी सीजन में सरसों का घरेलू उत्पादन बढ़कर 133.31 लाख टन पर पहुंच सकता है जो 2024-25 सीजन के उत्पादन 126.67 लाख टन से ज्यादा मगर 139 लाख टन के नियत लक्ष्य से कम है।
मंत्रालय के अनुसार इससे पूर्व सरसों का घरेलू उत्पादन 2023-24 के सीजन में 132.59 लाख टन, 2022-23 में 126.43 लाख टन और 2021-22 के सीजन में 119.63 लाख टन दर्ज किया गया था। उल्लेखनीय है कि उद्योग-व्यापार क्षेत्र का सरसों उत्पादन आंकड़ा सरकारी अनुमान से छोटा होता है।
सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पिछले साल के 5950 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर इस बार 6200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में नई सरसों की जोरदार आवक हो रही है और सरकारी खरीद के अभाव में इसकी कीमतों पर दबाव पड़ने लगा है।
इससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। मार्च माह के दौरान देश भर की मंडियों में 10 लाख टन से ज्यादा सरसों आ सकती है।
