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29-Oct-2026 01:50 PM
नई दिल्ली। रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल-सरसों की बिजाई की धीमी गति हैरानी एवं चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि एक तो इसका थोक मंडी भाव अत्यन्त ऊंचे (वस्तुतः रिकॉर्ड) स्तर पर चल रहा है और दूसरे, सरकार ने इस तिलहन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी 413 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है।
वैसे तो पिछले साल के मुकाबले इस बार रबी सीजन में अभी चना, मूंग, गेहूं एवं धान का रकबा भी पीछे चल रहा है क्योंकि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात एवं कर्नाटक जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में मौसमी परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं लेकिन सबसे ज्यादा अखरने वाली बात सरसों की धीमी बिजाई की है। अक्सर अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से ही इसकी बिजाई जोर पकड़ने लगती है।
चालू माह के शुरूआती 26 दिनों के दौरान पूर्वी राजस्थान में सामान्य औसत से 51 प्रतिशत कम बारिश हुई जबकि वहां सरसों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। आगामी समय में वहां सरसों की बिजाई की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। किसान बिजाई के लिए पूरी तरह तैयार भी हैं।