सरकार ने गेहूं की खरीद का लक्ष्य 303 लाख टन नियत किया

12-Mar-2026 04:29 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने वर्ष 2026 के रबी मार्केटिंग सीजन (अप्रैल-जून) के लिए कुल 303 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है जबकि राज्यों की तरफ से इससे अधिक मात्रा की खरीद का प्रस्ताव जमा किया गया था।

इसमें पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा जैसे राज्य भी शामिल हैं जो केन्द्रीय पूल में गेहूं का सर्वाधिक योगदान देते हैं। सरकार ने गेहूं के उत्पादन एवं बाजार के डायनामिक्स का आंकलन करके गेहूं की खरीद का लक्ष्य घटा दिया। 

पिछले सप्ताह विभिन्न राज्यों के खाद्य सचिवों एवं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के शीर्ष अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण मीटिंग में गेहूं खरीद के लक्ष्य का निर्धारण किया गया। पंजाब तथा उत्तर प्रदेश के प्रस्तावित लक्ष्य में सबसे ज्यादा कटौती की गई।

पंजाब सरकार ने 132 लाख टन गेहूं खरीदने का प्रस्ताव रखा था मगर वहां केवल 122 लाख टन की खरीद का लक्ष्य नियत किया गया।

इसी तरह उत्तर प्रदेश के खाद्य सचिव ने 30 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य नियत करने का आग्रह किया था लेकिन इसके बजाए राज्य को केवल 10 लाख टन की खरीद का लक्ष्य दिया गया। 

यद्यपि उत्तर प्रदेश को देश का सबसे प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्य माना जाता है। मगर वहां इसकी सरकारी खरीद सीमित होती है क्योंकि प्राइवेट फर्में (एमएसपी) से ऊंचे दाम पर किसानों से इसकी भारी खरीद कर लेती हैं।

राज्य में 17 मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद आरंभ होने वाली है। गत वर्ष वहां करीब 10 लाख टन गेहूं खरीदा गया था। 

मध्य प्रदेश और हरियाणा ने 80-80 लाख टन की खरीद का प्रस्ताव दिया था लेकिन केन्द्र सरकार ने मध्य प्रदेश में 78 लाख टन और हरियाणा में 72 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित कर दिया।