साप्ताहिक समीक्षा-धान-चावल
18-Jan-2025 09:07 PM
मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप धान-चावल की कीमतों में मिश्रित रुख
नई दिल्ली । खरीफ कालीन धान की आवक अब कुछ कम होने लगी है और इसलिए मिलर्स तथा निर्यातक की मांग के अनुरूप इसकी कीमतों में मिश्रित रुख देखा जा रहा है।
दिल्ली
11-17 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली की नरेला मंडी में 10-12 हजार बोरी तथा नजफगढ़ मंडी में 800-1000 बोरी धान की आवक हुई। नरेला मंडी में 1718 धान का भाव 122 रुपए तथा 1509 हैण्ड का भाव 34 रुपए सुधर गया जबकि नजफगढ़ मंडी में 1121 धान का दाम 51 रुपए प्रति क्विंटल नरम रहा। छत्तीसगढ़ के भाटापाड़ा में श्रीराम धान का दाम 100 रुपए कमजोर एवं राजिम में महामाया का दाम 150 रुपए तेज रहा।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के एटा, मैनपुरी, जहांगीराबाद, शाहजहांपुर तथा अलीगढ जैसी मंडियों में से प्रत्येक में रोजाना औसतन 10-15 हजर बोरी धान की आवक हो रही है और मांग तथा उठाव के आधार पर कीमतों में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी-मंदी देखी जा रही है।
आवक
खैर मंडी में 5000-10000 बोरी धान की आवक के साथ कीमतों में थोड़ी-बहुत तेजी-मंदी दर्ज की गई। इधर हरियाणा की मंडियों में बासमती धान की आपूर्ति बहुत कम हो रही है। टोहाना मंडी में 16 जनवरी को 10 हजार बोरी धान पहुंचा लेकिन कीमतों कोई बदलाव नहीं देखा गया।
चावल
जहां तक चावल का सवाल है तो इसकी घरेलू एवं निर्यात मांग की स्थिति अच्छी है और कीमतों में सुधार का माहौल देखा जा रहा है। जनवरी के दूसरे सप्ताह से बासमती और खाद्यान्न चावल का निर्यात कारोबार बढ़ने लगा। निर्यातकों एवं व्यापारियों द्वारा चावल की अच्छी खरीद की जा रही है। मुस्लिम बहुल देशों में बासमती चावल में रमजान की मांग निकलने की उम्मीद है जबकि अफ्रीकी देश मोटे चावल की अच्छी खरीद करने लगे हैं। भारत के चावल का निर्यात ऑफर मूल्य आकर्षक या प्रतिस्पर्धी स्तर पर बना हुआ है।
भाव
केन्द्र सरकार ने ओएमएसएस के तहत चावल का न्यूनतम आरक्षित मूल्य 2800 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है जबकि राज्यों तथा एथनॉल निर्माताओं को अत्यन्त रियायती मूल्य पर इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने की घोषणा की है। भारत ब्रांड के तहत बिक्री के लिए सरकारी एजेंसियों को 2400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से चावल दिया जाएगा।
