स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली से तुवर में गिरावट, सीमित उपलब्धता से आगे तेजी की संभावना
नई दिल्ली।बढ़े हुए भावों पर स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली के चलते बिकवाली बढ़ने और दाल मिलर्स की लिवाली कमजोर पड़ने से चालू सप्ताह के दौरान घरेलू बाजार में तुवर की कीमतों में गिरावट का रुख रहा। हालांकि, निचले भावों पर बिकवाली कमजोर पड़ने से बाजार को सहारा मिल रहा है। फिलहाल दाल मिलों की सीमित खरीदारी के कारण कीमतों में तेजी पर अंकुश बना हुआ है, लेकिन घरेलू उपलब्धता और आगामी फसल की संभावनाएं बाजार के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। त्योहारी सीजन के दौरान अरहर दाल की खपत बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, दाल की मांग में अपेक्षित तेजी आने पर ही मिलर्स की खरीदारी में मजबूती दिखाई दे सकती है। दूसरी ओर, उत्पादक मंडियों में देसी अरहर का बकाया स्टॉक सीमित बताया जा रहा है, जिससे बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। चालू खरीफ सीजन में तुवर के उत्पादन में गिरावट की आशंका भी बाजार को समर्थन देने वाला प्रमुख कारक है। यदि प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में फसल कमजोर रहती है और नई फसल की आवक में देरी होती है, तो घरेलू बाजार में उपलब्धता पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में कीमतों को आगे समर्थन मिलने की संभावना रहेगी। हालांकि, वास्तविक उत्पादन का आकलन फसल की स्थिति और नई आवक के आंकड़े सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।हाल के दिनों में ऊंचे भावों पर मिलर्स और स्टॉकिस्टों द्वारा की गई खरीदारी के कारण उनके पास कुछ स्टॉक उपलब्ध है। इससे तत्काल मांग बढ़ने पर भी बाजार में तेजी की गति सीमित रह सकती है। यदि मौजूदा स्टॉक से बाजार की जरूरत पूरी होती रहती है और दाल मिलों की लिवाली कमजोर बनी रहती है, तो कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
आयातकों की बिकवाली बढ़ने व मांग कमजो बनी रहने से मुंबई अफ्रीकी तुवर के भाव सप्ताहभर में 200 रुपये प्रति क्विंटल घट गए। और सप्ताहांत में भाव मोजाम्बिक सफेद 8000/8700 रुपये, गजरी 8050/8600 रुपये, मटवारा 7900/8400 रुपये, मलावी 7300/8200 रुपये तथा सूडान 10200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इसी प्रकार चेन्नई में लेमन तुवर कीमतों में भी 250 रुपए प्रति क्विंटल घटकर सप्ताहंत में भाव 9600 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।
आयातित
निर्यातकों की बिकवाली बढ़ने व निर्यात मांग कमजोर पड़ने से बर्मा तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 15 डॉलर प्रति टन की गिरावट देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में बर्मा लेमन 1010 डॉलर प्रति टन रह गयी।
दिल्ली
पोर्ट की गिरावट के असर व मांग सुस्त बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली तुवर लेमन में 200 रुपए व देसी तुवर में 100 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी दर्ज की गयी और इस मंदी के साथ भाव सप्ताहांत में लेमन 9900 रुपए व देसी 10800/10900 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
महाराष्ट्र
स्टाकिस्टों की बिकवाली बढ़ने व दाल मिलर्स की मांग कमजोर पड़ने से इस साप्ताह महाराष्ट्र तुवर की कीमतों में 200/300 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी दर्ज किया गया और इस मंदी के साथ भाव सप्ताहांत में सोलापुर में 9500/10600 रुपये,अकोला 10550/10650 रुपए, लातूर में 10600/10800 रुपये, नागपुर 10650/10750 रुपये, बार्शी 9700 रुपये हिंगणघाट 9600/10700 रुपए व अहमदनगर 10100/10300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कर्नाटक
मांग शांत बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान कर्नाटक तुवर की कीमतों में 200/300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में गुलबर्गा 10800/11600 रुपए रायचूर 9559/10202 रुपए बीदर 8600/9888 रुपए तालिकोट 9600/10009 रुपए व यादगीर 10259/11300 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
मध्य प्रदेश
दाल मिलर्स लिवाली बनी रहने से मध्य प्रदेश तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 150/300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में कटनी 10700/10800 रुपए जबलपुर 7000/10000 रुपए पिपरिया 8000/9600 रुपए व करेली 8250/9600 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
अन्य
चौतरफा गिरावट के असर व मांग सुस्त बनी रहने से रायपुर तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में 10500/10800 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। कानपुर तुवर की कीमतों में भी इस साप्ताह 100 रुपए प्रति क्विंटल की घटकर सप्तहांत में भाव 8400 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
तुवर दाल
तुवर की गिरावट के असर व मांग में कमजोर पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान तुवर दाल की कीमतों में 200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली फटका 14725/145325 रुपए, कटनी फटका 13700/13900 रुपए, अकोला 14600/15800 रुपए,लातूर फटका 15100/15300 रुपए, गुलबर्गा फटका 14000/15000 रुपए व कानपुर फटका 13500/13600 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।