साप्ताहिक समीक्षा-सोयाबीन

25-Jan-2025 07:32 PM

क्रशिंग मिलों की सीमित मांग से सोयाबीन का भाव नरम 

नई दिल्ली । रिकॉर्ड सरकारी खरीद के दावे के बावजूद मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों की थोक मंडियों में 18-24 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। विदेशों से सस्ते सोया तेल का भारी आयात जारी रहने में घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति काफी सुगम हो गई है। इससे स्वदेशी प्लांटों को आयातित तेल की गंभीर चुनौती एवं सख्त प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। 
प्लांट डिलीवरी भाव 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी भाव मध्य प्रदेश में 4200/4350 रुपए प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 4250/450 रुपए प्रति क्विंटल ततः राजस्थान में 4300 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। 
सोया तेल (रिफाइंड)
सोयाबीन के कमजोर भाव से सोया रिफाइंड तेल का दाम भी घट गया। मंदसौर की एक इकाई में तो यह 90 रुपए घटकर 1240 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया जबकि कुछ अन्य इकाइयों में इसमें 20 रुपए प्रति 10 किलो की गिरावट दर्ज की गई। महाराष्ट्र के प्लांटों में सोया रिफाइंड तेल के दाम में 10 से 20 रुपए की नरमी रही। कोटा एवं कांडला में क्रमश: 10 रुपए एवं 25 रुपए की गिरावट दर्ज की गई। कांडला बंदरगाह पर आयातित सोया तेल की कीमतों में भी नरमी रही।
आवक 
सोयाबीन की दैनिक घरेलू आवक 3.00-3.20 लाख बोरी (100 किलो की प्रत्येक बोरी) के बीच दर्ज की गई। सामान्य से कम आवक के बावजूद कीमतों में नरमी का माहौल जारी रहने से स्पष्ट संकेत मिलता है कि क्रशिंग प्लांटों की लिवाली की गति सुस्त बनी हुई है। 
सोया खल (डीओसी) 
सोया डीओसी की मांग भी कमजोर बनी रही। पॉल्ट्री उद्योग की सीमित खरीदारी के कारण सोयामील के दाम में 200 से 500 रुपए तक की गिरावट दर्ज की गई। क्रशर्स- प्रोसेसर्स को किसानों से ऊंचे दाम पर सोयाबीन खरीदने का कोई ठोस आधार नहीं मिल रहा है। न तो सोया तेल और न ही सोया डीओसी का भाव मजबूत है। निर्यातकों की मांग भी सामान्य देखी गई। 
भाव 
केन्द्र सरकार ने 2024-25 सीजन के लिए सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 4892 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर रखा है जबकि थोक मंडी भाव इससे 500-600 रुपए नीचे है।