साप्ताहिक समीक्षा-सोयाबीन
18-Jan-2025 08:31 PM
मिलर्स की सीमित मांग से सोयाबीन बाजार में नरमी
नई दिल्ली । मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 4892 रुपए प्रति क्विंटल पर किसानों से सोयाबीन की खरीद जारी रहने के बावजूद इस महत्वपूर्ण तिलहन का थोक मंडी भाव सुधर नहीं रहा है। वस्तुतः सोया तेल तथा सोयामील का दाम कमजोर पड़ने से क्रशिंग- प्रोसेसिंग इकाइयों को ऊंचे मूल्य पर किसानों- व्यापारियों को सोयाबीन खरीदने का प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है। वैसे सोयामील का निर्यात प्रदर्शन अच्छा है।
भाव
11-17 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी भाव मध्य प्रदेश में 50-75 रुपए गिरकर 4300/4400 रुपए प्रति क्विंटल तथा महाराष्ट्र में 50-100 रुपए घटकर 4250/4350 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। राजस्थान में भी वह 75-100 रुपए प्रति क्विंटल नीचे आया।
आयात
विदेशों से भारी मात्रा में सोयाबीन तेल का आयात हो रहा है जिससे घरेलू बाजार में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता काफी बढ़ गई है। इसका असर स्वदेशी तेल की कीमतों पर भी देखा जा रहा है। घरेलू प्रभाग में रिफाइंड सोयाबीन तेल का दाम प्रमुख प्लांटों में 2.50 से 4 रुपए प्रति किलो तक घट गया। कोटा में यह 30 रुपए नरम पड़कर 1280 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया।
आवक
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान प्रमुख मंडियों में रोजाना औसतन 2.50 लाख बोरी सोयाबीन की आवक हुई जबकि प्रत्येक बोरी 100 किलो या 1 क्विंटल की होती है। यह आवक सामान्य से कम है। बड़े-बड़े उत्पादक एवं स्टॉकिस्ट सोयाबीन का स्टॉक दबाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि आगामी समय में उसे ऊंचे दाम पर बेचा जा सके।
खरीद
समझा जाता है कि सरकारी स्तर पर 15-16 लाख टन से अधिक सोयाबीन की रिकॉर्ड खरीद हो रही है और इसे पुनः बाजार में उतारने का प्रयास किया जा सकता है। इससे कीमतों पर दबाव पड़ने की आशंका बढ़ जाएगी।
सोया डीओसी
सप्ताह के दौरान सोया डीओसी की कीमतों में मिश्रित रुख देखा गया। नीचे दाम पर इसकी थोड़ी-बहुत लिवाली हुई लेकिन जहां मांग कमजोर रही वहां कीमत भी नरम रही। मध्य प्रदेश के एक-दो प्लांटों में इसका भाव 2500/3000 रुपए प्रति टन तक उछल गया मगर महाराष्ट्र के कुछ प्लांटों में 1000-2000 रुपए प्रति टन तक की गिरावट दर्ज की गई।
