साप्ताहिक समीक्षा-सरसों

18-Jan-2025 08:45 PM

तिलहन-तेल बाजार में मंदी के असर से सरसों का भाव नरम 

मुम्बई। खाद्य तेल-तिलहन के बाजार में सुस्त कारोबार के बीच भाव नरम रहने का असर सरसों पर भी देखा गया और इसके दाम में 100 से 200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। राजस्थान के बूंदी में इसका भाव 700 रुपए लुढ़ककर 5800 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। 
42% कंडीशन सरसों 
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली में 150 रुपए घटकर 6350 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 100 रुपए गिरकर 6450 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। उत्तर प्रदेश के हापुड़ एवं आगरा में भाव 125-150 रुपए कमजोर रहा। गुजरात, हरियाणा तथा मध्य प्रदेश की मंडियों में भी सरसों 100-200 रुपए कमजोर पड़ी। राजस्थान की अधिकांश मंडियों में इस महत्वपूर्ण तिलहन के दाम में 100-130 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। 
बिजाई 
पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन में सरसों का बिजाई क्षेत्र 4-5 लाख हेक्टेयर घट कर 88.50 लाख हेक्टेयर पर अटक गया है लेकिन फसल की हालत आमतौर पर अच्छी बताई जा रही है। अगले महीने (फरवरी) से इसकी छिटपुट कटाई-तैयारी शुरू होने की संभावना है और तब मंडियों में आवक तेजी से बढ़ने लगेगी। जिससे कीमतों पर दबाव कुछ और बढ़ सकता है। नैफेड और हैफेड जैसी सरकारी एजेंसियों के पास अभी सरसों का अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है।
सरसों तेल  
11-17 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान सरसों तेल के दाम में भी प्रति 10 किलो पर 25-30 रुपए की गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में एक्सपेलर का भाव 25 रुपए गिरकर 1315 रुपए प्रति 10 किलो तथा भरतपुर में 40 रुपए घटकर 1280 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। लुधियाना में तो यह 45 रुपए की गिरावट के साथ 1315 रुपए पर आ गया। कोटा तथा बीकानेर में भी मूल्य कमजोर रहा। घरेलू मंडियों में सरसों की दैनिक आवक 1.40 से 2.00 लाख बोरी (50 किलो की प्रत्येक बोरी) के बीच हो रही है। 
सरसों खल (डीओसी) 
सरसों खल एवं डीओसी की घरेलू तथा निर्यात मांग कमजोर बनी हुई है।