सामान्य कारोबार के साथ सरसों के दाम में सीमित सुधार
नई दिल्ली। तेल और खल की अच्छी मांग को देखते हुए क्रशर्स- प्रोसेसर्स द्वारा सरसों की लिवाली में दिलचस्पी दिखाई जा रही है जिससे 31 अक्टूबर- 5 नवम्बर वाले सप्ताह के दौरान इसके थोक मंडी मूल्य में 100-200 रुपए का सुधार दर्ज किया गया।
राजस्थान
राजस्थान के कोटा में सीमित आवक एवं जोरदार लिवाली के कारण सरसों का दाम 700 रुपए उछलकर 8500/9200 रुपए प्रति क्विंटल के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया।
42% कंडीशन सरसों
इसी तरह 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 150 रुपए बढ़कर 9350 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 100 रुपए सुधरकर 9450 रुपए प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
सरसों
सामान्य औसत क्वालिटी की सरसों का भाव समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान की अधिकांश मंडियों में या तो पिछले स्तर पर बरकरार रहा या 50-100 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया। कोलकता में 200 रुपए तथा नेवाई-टोंक में 150-150 रुपए की तेजी रही।
सरसों तेल / कच्ची घानी
सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी की कीमतों में भी 2-3 रुपए प्रति किलो का इजाफा हुआ। दिल्ली के एक्सपेलर का भाव 15 रुपए सुधरकर 1820 रुपए प्रति 10 किलो और चरखी दादरी में 25 रुपए बढ़कर 1835 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। मुरैना में 30 रुपए की तेजी रही जबकि कोटा में एक्सपेलर एवं कच्ची घानी सरसों तेल का मूल्य 36-36 रुपए की वृद्धि के साथ 1832 रुपए प्रति 10 किलो तथा 1851 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। त्यौहारी सीजन में अक्सर सरसों तेल की मांग एवं खपत बढ़ जाती है और कीमत ऊंची रहती है।
आवक
राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख थोक मंडियों में सरसों की दैनिक आवक 1.50-2.25 लाख बोरी (50 किलो की प्रत्येक बोरी) के बीच हो रही है।
मांग-आपूर्ति
मांग एवं आपूर्ति के आधार पर अपनी कीमतों में उतार-चढ़ाव आता रहता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की तुलना में सरसों का थोक मंडी भाव करीब 40-50 प्रतिशत ऊंचा चल रहा है। उसकी बिजाई पहले ही आरंभ हो चुकी है।