लालमिर्च में तेजी की संभावना नहीं : मध्य प्रदेश में आवक बढ़ी
नई दिल्ली। वर्तमान में लालमिर्च में लोकल एवं निर्यातक व्यापार कम रह गया है क्योंकि मध्य प्रदेश की मंडियों में नए लालमिर्च की आवक बढ़नी शुरू हो गई है। साथ ही कर्नाटक की ब्यादगी एवं आंध्र प्रदेश की हैदराबाद मंडी में भी नए मालों की आवक शुरू हो गई है। चालू सीजन के दौरान किसानों द्वारा अधिक क्षेत्रफल पर बुआई की जाने के कारण इस वर्ष पैदावार भी अधिक रहेगी। हालांकि गत दिनों आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में पानी की कमी के चलते फसल प्रभावित होने के अनुमान लगाए जा रहे थे लेकिन हाल ही में हुई बारिश से फसल को फायदा मिलने के समाचार मिल रहे हैं। आंध्र प्रदेश की गुंटूर एवं तेलंगाना की मंडियों में नए लालमिर्च की आवक जनवरी-फरवरी माह में शुरू हो जाएगी।
उल्लेखनीय है की बिजाई अधिक क्षेत्रफल पर किए जाने के पश्चात मौसम भी फसल के अनुकूल बना रहने से इस वर्ष मध्य प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन 52/55 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि गत वर्ष उत्पादन 26/28 लाख बोरी का था। वर्तमान में मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडी बेडिया में नए लालमिर्च की आवक 22/25 हजार बोरी की होने लगी है और माही फुलकट का भाव 210/220 रुपए बोला जा रहा है। इसके अलावा कर्नाटक की ब्यादगी मंडी में भी नए मालों की आवक 8/10 हजार बोरी की होने लगी है। और केडीएल क्वालिटी का भाव 58000/63000 रुपए बोला जा रहा है। हैदराबाद में अन्य मालों की आवक 700/800 बोरी की हो रही और नए तेजा का भाव 190/220 रुपए बोला जा रहा है। गुंटूर मंडी में तेजा कोल्ड का भाव 225/228 रुपए बोला गया जबकि खम्मम में तेजा का भाव 235 रुपए एवं वारंगल 225/226 रुपए प्रति किलो चल रहा है।
बिजाई अनुमान
मध्य प्रदेश में एक और जहां लालमिर्च की बिजाई डेढ़- दो गुणा क्षेत्रफल पर की गई थी वहीं आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में भी बिजाई डेढ़ गुणा होने के समाचार मिल रहे हैं। गत-वर्ष आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन सवा करोड़ बोरी एवं तेलंगाना 45/50 लाख बोरी का रहा था। सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में अगर मौसम फसल के अनुकूल रहा तो निश्चित ही आंध्र प्रदेश एवं तेलगाना में उत्पादन बढ़ेगा।
स्टॉक
गत वर्ष लालमिर्च उत्पादन में कमी आने के कारण उत्पादक केन्द्रों पर लालमिर्च का स्टॉक गत वर्ष की तुलना में कम रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में गुंटूर मंडी में लालमिर्च का स्टॉक 25/26 लाख बोरी माना जा रहा है जबकि गत वर्ष इसी समयावधि में स्टॉक 35/36 लाख बोरी का था। तेलंगाना की खम्मम एवं वारंगल मंडी में भी स्टॉक गत वर्ष के 28/30 लाख बोरी की तुलना में 20/22 लाख बोरी होने के समाचार है।
निर्यात कम
चीन की कमजोर मांग एवं भाव ऊंचे होने के कारण अन्य देशों को भी निर्यात घटने के कारण लालमिर्च का निर्यात गत वर्ष की तुलना में कम रहा है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू सीजन 2026-27 अप्रैल-मई - 2026 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 119438 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 2603 करोड़ की रही। जबकि गत वर्ष अप्रैल-मई 2025 में लालमिर्च का निर्यात 185011 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 2592 करोड़ की रही। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान माल का निर्यात 683681 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 10395.59 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 में निर्यात 715506 टन का किया गया था और निर्यात से प्राप्त आय 11404.90 करोड़ की रही थी।