साप्ताहिक समीक्षा-मटर
07-Mar-2026 07:15 PM
कमजोर लिवाली से मटर बाजार में नरमी
कानपुर। चालू सप्ताह के दौरान मटर बाजार में गिरावट का रुख देखने को मिला। बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ने और मांग कमजोर बनी रहने के कारण कीमतों में नरमी दर्ज की गई। ऊंचे स्तर पर खरीदारी की कमी और सीमित लिवाली के चलते बाजार में मजबूती नहीं बन पाई, जिससे भावों पर लगातार दबाव बना हुआ है। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार उत्पादक मंडियों में नई मटर की आवक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है, जिससे बाजार में उपलब्धता का स्तर मजबूत हो गया है। बढ़ती सप्लाई को देखते हुए स्टॉकिस्टों और आयातकों की बिकवाली भी सक्रिय बनी हुई है, जिससे कीमतों पर दबाव और बढ़ गया है। पर्याप्त उपलब्धता और कमजोर उठाव के कारण व्यापारी बड़े स्तर पर खरीदारी से बच रहे हैं और जरूरत के अनुसार ही सौदे कर रहे हैं। सीमित लिवाली और बढ़ती सप्लाई के चलते बाजार में मंदी का माहौल बना हुआ है। इस समय प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों की मंडियों में हरी मटर की आवक अच्छी बनी हुई है, जिसके कारण थोक बाजार में प्रतिस्पर्धी बिकवाली देखने को मिल रही है। किसानों द्वारा नई फसल की बिक्री बढ़ाने से दैनिक आवक में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे कीमतों को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा तैयार माल में उठाव भी सामान्य से कमजोर बना हुआ है, जिसके कारण प्रोसेसिंग यूनिट्स और व्यापारिक वर्ग की मांग भी सीमित बनी हुई है। दाल मिलर्स और व्यापारियों की सतर्क खरीदारी के चलते बाजार में फिलहाल दबाव का माहौल बना हुआ है। यदि आने वाले दिनों में मांग में सुधार नहीं होता और आवक इसी तरह बढ़ती रहती है, तो मटर की कीमतों में निकट भविष्य में भी दबाव बना रह सकता है। हालांकि निर्यात या घरेलू मांग में सुधार होने पर बाजार को कुछ समर्थन मिल सकता है।
कनाडा
कनाडियन ग्रेन कमीशन (CGC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार जनवरी महीने में निर्यात के लिए लगभग 1,21,600 टन फील्ड पी (मटर) की बल्क लोडिंग दर्ज की गई है। इसके साथ ही चालू मार्केटिंग वर्ष में अब तक कुल लोडिंग 12,18,600 टन तक पहुंच गई है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कम है। पिछले साल इसी अवधि तक 13,42,600 टन मटर की लोडिंग दर्ज की गई थी। इस प्रकार चालू वर्ष में मटर की लोडिंग में लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार वैश्विक बाजार में मांग की स्थिति और विभिन्न देशों की आयात नीतियों का असर कनाडा के मटर निर्यात पर देखने को मिल रहा है। मांग में उतार-चढ़ाव और प्रतिस्पर्धी आपूर्ति के कारण लोडिंग के आंकड़े पिछले साल की तुलना में कमजोर बने हुए हैं।
आयातकों की लगातार बिकवाली और लिवाली के शांत पड़ने के कारण कीमतों पर दबाव बना रहा। सप्ताह के दौरान आयातित मटर की कीमतों में लगभग 25 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। सप्ताहांत में मुंबई बंदरगाह पर कनाडा मटर के भाव 3950/3975 रुपये प्रति क्विंटल तथा रूस मटर के भाव 3850/3875 रुपये प्रति क्विंटल पर रह गए। इसी तरह मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा मटर के भाव लगभग 3900 रुपये प्रति क्विंटल तथा रूस मटर के भाव 3800/3825 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किए गए। घरेलू बाजारों में भी मटर की कीमतों पर दबाव बना रहा। कानपुर में मटर के भाव इस सप्ताह 25 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट के साथ सप्ताहांत में लगभग 4100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इसी प्रकार कमजोर लिवाली के चलते ललितपुर मंडी में मटर के भाव 50/100 रुपये प्रति क्विंटल घटकर सप्ताहांत में 3300/3600 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गए। महोबा मंडी में भी इस सप्ताह 50 रुपये प्रति क्विंटल की नरमी दर्ज की गई और भाव घटकर 3500/4000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। सुस्त मांग का असर जालौन मंडी पर भी देखने को मिला, जहां इस सप्ताह 100 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में 3200/3600 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गए। वहीं उरई मंडी में भी करीब 50 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई और भाव घटकर 3800/4000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। मांग में कमजोरी और चारों ओर गिरावट के प्रभाव से मध्य प्रदेश की मंडियों में भी मटर के भाव दबाव में रहे। सप्ताह के दौरान यहां कीमतों में लगभग 200/300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई और इस गिरावट के सतह भाव बीना 3200/3400 रुपये प्रति क्विंटल तथा दमोह 3600/3900 रुपये प्रति क्विंटल पर रह गए।
मटर दाल
मटर की गिरावट के असर व मांग कमजोर पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान मटर दाल की कीमतों में 100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और सप्ताहंत में भाव कानपुर 4500/4600 रुपए व इंदौर 4600/4700 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
