साप्ताहिक समीक्षा-मसूर
07-Mar-2026 07:20 PM
नई फसल की बढ़ती आवक से मसूर बाजार में नरमी, मांग कमजोर
मुम्बई।चालू सप्ताह के दौरान मसूर बाजार में नरमी का रुख देखने को मिला। उत्पादक मंडियों में नई मसूर की उपलब्धता बढ़ने और मांग कमजोर बने रहने के कारण कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। बढ़ती आवक के चलते बाजार में सप्लाई का दबाव लगातार मजबूत बना हुआ है, जिससे भावों को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पा रहा है। नई फसल की आवक शुरू होते ही स्टॉकिस्टों और आयातकों की बिकवाली भी बढ़ गई है। पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए बड़े खरीदार फिलहाल सतर्क रुख अपनाते हुए सीमित लिवाली कर रहे हैं और जरूरत के अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं। इसके कारण बाजार में मंदी का माहौल बना हुआ है और कीमतों पर दबाव बना हुआ है। ऊंचे स्तर पर खरीदारी की कमी और बढ़ती आपूर्ति के संयुक्त प्रभाव से मसूर की कीमतों में कमजोरी बनी हुई है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की प्रमुख उत्पादक मंडियों में नई मसूर की आवक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। किसानों द्वारा नई फसल की बिक्री शुरू करने से मंडियों में दैनिक आवक में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसके कारण थोक बाजार में प्रतिस्पर्धी बिकवाली देखने को मिल रही है। मसूर दाल में उठाव भी सामान्य से कमजोर बना हुआ है। दाल बाजार में मांग कमजोर रहने के कारण मिलर्स की खरीदारी भी सीमित स्तर पर बनी हुई है, जिससे मसूर के भावों को समर्थन नहीं मिल पा रहा है।
कनाडा
कनाडा की सरकारी एजेंसी स्टैटिस्टिक्स कनाडा के ताजा अनुमान के अनुसार वर्ष 2026 में किसानों द्वारा मसूर की बुवाई में कमी आने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष मसूर का कुल रकबा लगभग 5.5 प्रतिशत घटकर करीब 41 लाख एकड़ रहने का अनुमान है। मसूर की बुवाई में कमी का मुख्य कारण फसल चक्र में बदलाव और किसानों द्वारा अन्य फसलों की ओर झुकाव को माना जा रहा है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो आने वाले समय में कनाडा में मसूर का उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। कनाडा के प्रमुख उत्पादक प्रांत सस्केचेवान में भी मसूर की बुवाई में गिरावट का अनुमान है। यहां, जहां कनाडा की लगभग 90 प्रतिशत मसूर की खेती होती है, क्षेत्रफल करीब 4.3 प्रतिशत घटकर 36 लाख एकड़ रहने की संभावना जताई गई है। इसी तरह अल्बर्टा प्रांत में मसूर के क्षेत्र में और अधिक गिरावट देखी जा सकती है। यहां मसूर का रकबा लगभग 13.4 प्रतिशत घटकर करीब 4.9 लाख एकड़ रहने का अनुमान लगाया गया है।
कनाडा से मसूर के निर्यात में जनवरी महीने के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी में करीब 1,18,000 टन मसूर की बल्क लोडिंग की गई, जो पिछले महीनों की तुलना में बेहतर स्तर पर रही। इसके साथ ही चालू मार्केटिंग वर्ष में अब तक कुल मसूर लोडिंग 7,49,100 टन तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि के 7,20,400 टन से अधिक है, जिससे संकेत मिलता है कि इस वर्ष मसूर के निर्यात की रफ्तार अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है। पिछले वर्ष जनवरी महीने में कनाडा से करीब 77,400 टन मसूर की ही लोडिंग हुई थी, जबकि दिसंबर में यह आंकड़ा लगभग 96,300 टन रहा था। इसके मुकाबले इस वर्ष जनवरी में लोडिंग में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आयातकों की बिकवाली बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान आयातित मसूर की कीमतों में 25/50 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी देखी गयी और इस नरमी के साथ सप्ताहंत में भाव मुंद्रा 5500/5525 रुपए हजीरा 5550 रुपए व कंटेनर कनाडा 5750/5800 रुपए व ऑस्ट्रेलिया 5800 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। जबकि कोलकाता मसूर की कीमतों में भी इस साप्ताह कोई तेजी मंदी नहीं देखी गयी और भाव सप्ताहांत में ऑस्ट्रेलिया 5600/5650 रुपए व कनाडा 5550/5600 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रह गए।
दिल्ली
स्टाकिस्टों की बिकवाली का दबाव बन रहने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली बड़ी मसूर में 75 रुपए व छोटी मसूर 100/150 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और भाव सप्ताहांत में छोटी कोटा 6650 रुपए ,बूंदी 7400 रुपए उत्तरप्रदेश 7500 रुपए व देसी बड़ी 6250 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
मध्य प्रदेश
बिकवाली का दबाव बढ़ने व सुस्त मांग के चलते इस सप्ताह मध्य प्रदेश मसूर की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी दर्ज की गयी और इस मंदी के साथ भाव सप्ताहांत में भाव अशोकनगर 5500/5800 रुपए बीना 5700/5900 रुपए गंजबासोदा 5700/6100 रुपए सागर 5700/6000 रुपए दमोह 5800/6050 रुपए इंदौर 5550 रुपए करेली 5700/6260 रुपए व कटनी 6200 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
उत्तर प्रदेश
लिवाली शांत पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान उत्तर प्रदेश की छोटी मसूर की कीमतों में 100 रुपए व बड़ी मसूर में 50 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और भाव सप्ताहांत में बरेली छोटी 8000 रुपए मोटी 6250 रुपए ललितपुर मोटी 5800/5950 रुपए छोटी 7000/7050 रुपए व उरई 5000/6050 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी ।
अन्य
चौतरफा गिरावट के असर व लिवाली शांत बनी रहने से बिहार मसूर की कीमतों में इस साप्ताह 100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और भाव सप्ताहांत में बाढ़ 6200 रुपए खुशरूपुर 6100 रुपए व मोकामा 6200 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। इसी प्रकार रायपुर मसूर की कीमतों में भी इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी देखी गयी और सप्ताहंत में भाव 5800 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।
मसूर दाल
मसूर की गिरावट के असर व मांग सुस्त पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान मसूर दाल की कीमतों में 100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और सप्ताहांत में भाव इंदौर 6700/6800 रुपए बाढ़ 7200/7500 रुपए, खुशरुपुर 7100/7400 रुपए, मोकामा 7200/7500 रुपए चंदौसी 8000/10000 रुपए व हैदराबाद 7350 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
