साप्ताहिक समीक्षा- जीरा

14-Mar-2026 08:48 PM

जीरा कीमतों में गिरावट : निर्यात मांग प्रभावित 

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान जीरा की कीमतों में नरमी रही। एक ओर जहां गुजरात की मंडियों में जीरे की आवक जोरों पर चल रही है वहीं राजस्थान की मंडियों में भी नए जीरे की आवक बढ़नी शुरू हो गई है। वर्तमान में निर्यात व्यापार भी कम है। गत दिनों फिस्स द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार चालू सीजन के दौरान देश में जीरा उत्पादन 93.29 लाख बोरी के जारी किए गए हैं जबकि वर्ष 2025 में उत्पादन अनुमान 97.93 लाख बोरी के लगाये गए थे। हालांकि चालू सीजन के दौरान उत्पादन में कमी आई है लेकिन गत वर्ष स्टॉक पर्याप्त होने के कारण कुल उपलब्धता अच्छी बनी हुई है। जिस कारण से भाव नहीं बढ़ रहे है। फिस्स द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार गुजरात में जीरा का उत्पादन 33.42 लाख बोरी का लगाया गया है जबकि व्यापारी उत्पादन अनुमान 26/28 लाख बोरी के लगा रहे हैं। इसकी प्रकार राजस्थान में फिस्स ने जीरा उत्पादन अनुमान 59.87 लाख बोरी का जारी किया है जबकि व्यापारी 48/50 लाख बोरी उत्पादन के अनुमान लगा रहे है।

आवक 

वर्तमान में गुजरात की मंडियों में जीरे की दैनिक आवक 60/65 हजार बोरी की चल रही है। अप्रैल ऊंझा मंडी में आवक 34/35 हजार बोरी की चल रही है आवक कम रहने का प्रमुख कारण उत्पादन में कमी एवं किसानों को कम भाव मिलना माना जा रहा है। राजस्थान की मंडियों में भी नए जीरे की दैनिक आवक 11/12 हजार बोरी की होने लगी है। मेडता मंडी में आवक 3500/4000 बोरी की हो रही है। 

भाव 

मंडियों में बढ़ती आवक एवं हाजिर में कमजोर उठाव के चलते जीरे के भाव मंदे के दौर से गुजर रहे है। वर्तमान में गुजरात की मंडियों में जीरे के भाव क्वालिटीनुसार 180/210 रुपए प्रति किलो बोले जा रहे हैं जबकि निर्यात का भाव 4280 रुपए प्रति 20 किलो का बोला जा रहा है। राजस्थान की मंडियों में भी नए जीरे के दाम 180/215 रुपए प्रति किलो बोले जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अभी हाल-फिलहाल जीरा कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। क्योंकि मिडिल ईस्ट देशों में युद्ध के चलते जीरा निर्यात नहीं हो पा रहा है। मगर सूत्रों का मानना है कि आगामी दिनों में निर्यात मांग निकलने पर कीमतों में अवश्य ही तेजी आएगी। क्योंकि भाव भी काफी घट चुके हैं। निचले भावों पर किसान भी माल की लिवाली कम करेंगे। 

निर्यात कम 

मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम नौ माह में जीरा निर्यात मात्रात्मक रूप से 12 प्रतिशत घटा है जबकि भाव कम मिलने के कारण आय में 26 प्रतिशत की कमी आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-दिसम्बर- 2025 के दौरान जीरा का निर्यात 156671 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 3639.51 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-दिसम्बर 2024 के दौरान जीरा का निर्यात 178847 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 4909.77 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 के दौरान जीरा का कुल निर्यात 229881.67 टन का रहा था। और निर्यात से प्राप्त आय 6178.86 करोड़ की रही थी।