साप्ताहिक समीक्षा-हल्दी

07-Feb-2026 08:06 PM

गिरकर बढ़ेंगे हल्दी के भाव  

नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान उत्पादक केन्द्रों पर अधिक बिजाई के बावजूद हल्दी उत्पादन में कोई विशेष बढ़ोत्तरी के अनुमान नहीं है। क्योंकि उत्पादक केन्द्रों पर बेमौसमी बारिश के चलते तमिलनाडु को छोड़कर अन्य राज्यों में हल्दी फसल को नुकसान हुआ है। जिस कारण से उत्पादन गत वर्ष से मामूली अधिक रहने की संभावना है। गत वर्ष देश में हल्दी का उत्पादन 72/75 लाख बोरी का रहा था जोकि इस वर्ष 80/82 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वर्ष 2024 में उत्पादन 50/55 लाख बोरी का माना गया था। 
राज्यवार उत्पादन अनुमान 
व्यापारियों का कहना है कि उत्पादक केन्द्रों पर इस वर्ष हल्दी के बिजाई क्षेत्रफल में लगभग 30/35 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते फसल को नुकसान होने से प्रति हेक्टेयर उत्पादकता प्रभावित हो रही है। वर्तमान में मंडियों में जो आवक हो रही है उसकी क्वालिटी हल्की है। सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान मराठवाड़ा लाइन (बसमत, हिंगोली, नान्देड) पर हल्दी का उत्पादन 32/35 लाख बोरी के आसपास रहेगा। जबकि सांगली लाइन पर उत्पादन 10/12 लाख बोरी होने के पूर्वानुमान लगाए जा रहे हैं। निजामाबाद लाइन पर उत्पादन 12/13 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वारंगल लाइन पर उत्पादन 1.50/2 लाख बोरी एवं दुगीराला, कडप्पा लाइन पर उत्पादन 2.50/3 लाख बोरी होने के अनुमान है। इरोड एवं सेलम लाइन पर उत्पादन 14/15 लाख बोरी होने के समाचार है। अन्य क्षेत्रों में उत्पादन 5/6 लाख बोरी माना जा रहा है। 
आवक कम 
चालू सीजन के दौरान नए मालों की आवक में विलम्ब होने के साथ-साथ आवक भी गत वर्ष की तुलना में कम हो रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वर्ष 3 फरवरी को निजामाबाद में नई हल्दी की आवक 13500 बोरी की हो रही थी। जोकि 10 फरवरी को 2500 बोरी की हो गई है। लेकिन वर्तमान में निजामाबाद मंडी में नई हल्दी की आवक 8000/8500 बोरी की हो रही है। सांगली एवं इरोड मंडी में भी आवक गत वर्ष की तुलना में कम चल रही है। 
मन्दा तेजी 
चालू सप्ताह के दौरान वायदा में भाव मंदे के साथ बोले जाने के कारण हाजिर बाजारों में भी हल्दी के दाम मंदे के साथ बोले गए। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में मांग का अभाव होने के कारण भाव घट रहे हैं। आगामी दिनों में अन्य उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर भी आवक शुरू जो जाने के कारण अभी कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। चालू सप्ताह के दौरान हल्दी के हाजिर भाव 200/300 रुपए प्रति क्विंटल तक मंदे के साथ बोले गए। सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में मराठवाड़ा लाइन पर नई फसल की आवक शुरू हो जाएगी। जिस कारण से फरवरी-मार्च माह में अधिक तेजी के आसार नहीं है। लेकिन खपत की तुलना में कुल उपलब्धता कम रहने के कारण वर्ष 2026 में हल्दी के दामों में अच्छी तेजी देखी जा सकती है। वर्तमान में दिल्ली बाजार में हल्दी सिंगल पॉलिश गट्ठा का भाव 153/155 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है जोकि जनवरी माह में शुरू में भाव 160/162 रुपए का स्तर छू गया था। सितम्बर- 2025 में नीचे में भाव 126/128 रुपए बन गया था। 
निर्यात 
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-नवम्बर-2025 के दौरान हल्दी का निर्यात 127530 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 1951.34 करोड़ की रही। अप्रैल नवम्बर- 2024 के दौरान हल्दी का निर्यात 121601 टन का किया गया था और प्राप्त आय 1984.47 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 (मार्च-अप्रैल) के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 176325 टन का किया गया था। वर्ष 2020-21 में हल्दी का रिकॉर्ड निर्यात 183868 टन का रहा था।