साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं

28-Dec-2024 07:37 PM

सीमित आवक के साथ खरीदारों की अच्छी मांग से गेहूं का भाव तेज 

नई दिल्ली । हालांकि पिछले साल की तुलना में चालू रबी सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं के कुल बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन प्रमुख उत्पादक इलाकों में लम्बे समय से वर्षा का अभाव होने से किसान चिंतित थे। अब अच्छी बारिश होने से उसकी चिंता काफी हद तक दूर हो गई है। 
बिक्री 
भारतीय खाद्य निगम द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना के तहत प्रत्येक सप्ताह लगभग एक लाख टन गेहूं देश भर के फ्लोर मिलर्स- प्रोसेसर्स को उपलब्ध करवाया जा रहा है लेकिन यह मात्रा उसकी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हो रही है और इसलिए खुली मंडियों पर उसकी निर्भरता बरकरार है। लेकिन आपूर्ति का ऑफ सीजन होने के कारण थोक मंडियों में गेहूं की सीमित आवक हो रही है जबकि खरीदारों की मांग मजबूत बनी हुई है।  
तेजी-मंदी  
21 से 27 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में यूपी / राजस्थान के गेहूं का भाव 40 रुपए बढ़कर 3130/3140 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। गुजरात के गोंडल एवं राजकोट में दाम स्थिर रहा मगर मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश की विभिन्न मंडियों में इसमें 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई। मध्य प्रदेश के देवास तथा खंडवा और राजस्थान के कोटा में गेहूं का भाव 100-100 रुपए तेज रहा। इंदौर तथा बूंदी में 40 रुपए की वृद्धि रही। उत्तर  शाहजहांपुर में 50 रुपए तथा गोरखपुर में 40 रुपए का सुधार दर्ज किया गया।  
स्टॉक    
गेहूं की फसल आमतौर पर सामान्य मानी जा रही है मगर उत्पादकों / स्टॉकिस्टों के पास इसका सीमित स्टॉक मौजूद है। वे धीरे-धीरे अपना स्टॉक मंडियों में उतार रहे हैं। 
आवक 
दिल्ली में 1250 से 3750 बोरी के बीच गेहूं की दैनिक आवक हुई जबकि 27 दिसम्बर को खराब मौसम के कारण आवक लगभग बंद रही। अन्य मंडियों में भी आवक का दबाव देखा गया। आगामी समय में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रहने की संभावना है जबकि मांग मजबूत रहने पर कीमतों में सुधार आ सकता है। मिलर्स-प्रोसेसर्स को गेहूं की भारी जरूरत है।