साप्ताहिक समीक्षा-चीनी

25-Jan-2025 07:19 PM

निर्यात की घोषणा से चीनी के दाम पर सकारात्मक असर 

नई दिल्ली। स्वदेशी उद्योग की लगातार होने वाली मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने अन्तत: 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए 10 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसकी घोषणा होने के साथ ही चीनी के एक्स फैक्टरी मूल्य में तेजी का माहौल बनने लगा और कुछ ही दिनों के अंदर इसमें 300-350 रुपए प्रति क्विंटल तक की भारी वृद्धि है। गई निकट भविष्य में भाव नीचे आने की बहुत कम संभावना है। 
निर्यात 
दिलचस्प तथ्य यह है कि निर्यात की अनुमति मिलने के बाद भी अब तक अनुबंध की प्रक्रिया आरंभ नहीं हो सकी है क्योंकि मिलर्स चीनी के निर्यातकों को नीचे दाम पर अपना कोटा बेचने के लिए तैयार नहीं है। वैश्विक बाजार में भारतीय चीनी 3800-4000 रुपए प्रति क्विंटल के दाम पर प्रतिस्पर्धी हो सकती है जबकि इसका मिल डिलीवरी मूल्य ऊंचा हो गया। 
मिल डिलीवरी भाव 
18 से 24 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी भाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4065/4140 रुपए प्रति क्विंटल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3710/4120 रुपए, पंजाब में 3990/4141 रुपए, मध्य प्रदेश में 3720/3930 रुपए, बिहार में 3905/4035 रुपए तथा गुजरात में 3691/3861 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।  
हाजिर मूल्य 
चीनी का हाजिर दिल्ली में बढ़कर 4150/4430 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा लेकिन इंदौर और रायपुर में लगभग पुराने सर पर ही स्थिर रहा। मुम्बई (वाशी) मार्केट में चीनी के दाम में कुछ सुधार दर्ज किया गया जबकि कोलकाता में स्थिरता देखी गई। 
उत्पादन  
पिछले सीजन की तुलना में इस बार चीनी के उत्पादन में काफी गिरावट देखी जा रही है। सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- महाराष्ट्र में उत्पादन 10 लाख टन से अधिक पिछड़ रहा है। उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक में भी उत्पादन पीछे है। आगामी समय में चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रहने की संभावना है जिससे कीमतों में मजबूती बरकरार रह सकती है। 
एथनॉल 
एथनॉल निर्माण में करीब 40 लाख टन चीनी का उपयोग होने वाला है। निर्यात जारी रहने तक बाजार में ज्यादा नरमी आना मुश्किल लगता है।