सीमा शुल्क समाप्त होने पर गेहूं का आयात बैठेगा सस्ता
31-May-2024 04:11 PM
नई दिल्ली । भारत में गेहूं के आयात पर अभी 40 प्रतिशत का भारी-भरकम सीमा शुल्क लगा हुआ है इसलिए विदेशों से इसे मंगाना आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद नहीं माना जा रहा है।
लेकिन आई ग्रेन इंडिया की गणना (आंकलन) के अनुसार यदि इस सीमा शुल्क को समाप्त कर दिया जाए तो गेहूं का सस्ता आयात संभव हो सकता है।
गणना के मुताबिक अमरीका और रूस में गेहूं का जो भाव प्रचलित है उसके आधार पर भारत में इसका आयात खर्च 2000-2300 रुपए प्रति क्विंटल बैठ सकता है जिसमें शिपमेंट खर्च भी शामिल है।
दूसरी ओर घरेलू थोक मंडियों में गेहूं का दाम इससे काफी ऊपर चल रहा है। दिल्ली में यूपी / राजस्थान के गेहूं का दाम 2580 रुपए प्रति क्विंटल या इससे कुछ ऊपर है।
केन्द्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2275 रुपए प्रति क्विंटल नियत कर रखा है जबकि मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में इससे ऊपर 125 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी किसानों को दिया जा रहा है।
रूस का गेहूं सबसे सस्ते दाम पर उपलब्ध रहता है इसलिए वहां से इसका आयात करना लाभप्रद साबित होगा। लेकिन यह तभी संभव है जब गेहूं पर लगे 40 प्रतिशत के आयात शुल्क को वापस ले लिया जाए।
उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू बाजार में आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए 25-30 लाख टन गेहूं का आयात करना पर्याप्त होगा। भारतीय किसानों के पास गेहूं का अच्छा स्टॉक है जिसे उसने ऑफ़ सीजन में ऊंचे दाम पर बेचने के लिए सुरक्षित रखा है।
