सौंफ में निर्यात व्यापार कम मगर अधिक मंदे की संभावना नहीं
30-May-2024 07:23 PM
नई दिल्ली । वर्तमान में निरयत व्यापार कम होने के कारण सौंफ की कीमतों में गिरावट का दौर चल रहा है। लेकिन वर्तमान भावों में अब अधिक मंदा संभव नहीं है। क्योंकि उत्पादक केन्द्रों पर दैनिक आवक घटनी शुरू हो गई है।
इसके अलावा भाव भी गत वर्ष की तुलना में काफी चल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान देश में पैदावार अधिक होने के कारण सौंफ की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की है। वर्तमान में भाव अपने न्यूनतम स्तर पर चल रहे हैं। आगामी दिनों में मांग बढ़ने पर कीमतों में सुधार की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान उत्पादक राज्यों में बिजाई का क्षेत्रफल बढ़ने के कारण इस वर्ष देश में सौंफ का उत्पादन 38/39 लाख बोरी (एक बोरी 55 किलो) होने के अनुमान लगाए गए है जबकि गत वर्ष उत्पादन 20/21 लाख बोरी का रहा था।
निर्यात भाव
अधिक पैदावार के कारण गत दिनों सौंफ का निर्यात भाव 65 रुपए पर आ गया है। घटे भावों पर मांग बढ़ने से निर्यात का भाव बढ़कर 88/89 रुपए बन गया।
लेकिन ऊंचे भावों पर निर्यात व्यापार बढ़ने के कारण वर्तमान में भाव घटकर 77/78 रुपए पर आ गया है। लेकिन वर्तमान भावों पर भी लिवाल नहीं है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष मई माह के दौरान निर्यात भाव 195/196 रुपए चल रहा था।
हाजिर भाव
अधिक उत्पादन के चलते हाजिर कीमतों में भी रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। गत वर्ष मई माह के अंत में राजस्थान की नागौर, मेड़ता मंडी में सौंफ के भाव 190/195 रुपए चल रहे हैं जोकि वर्तमान में 100/110 रुपए बोले जा रहे हैं।
सूत्रों का मानना है कि अधिक पैदावार का बाजार में मंदा आ चुका है। अब और मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में मांग बढ़ने पर कीमतों को अवश्य ही सुधार होगा।
