SAAF 2025 में उड़द पर की गयी चर्चा के मुख्य अंश

22-Jan-2025 10:57 AM

SAAF 2025 में उड़द पर की गयी चर्चा के मुख्य अंश
SAAF 2025- उड़द पैनल
मॉडरेटर
मनीषा गुप्ता, CNBC TV18, इंडिया पैनल मेम्बर
रोहित पोपटानी, कृष्णा केवासर्स, इंडिया
हितेन कटारिया, सुन्राज शिपिंग एजेंसी, इंडिया
श्याम नर्सरिया, आरवी इंटरनेशनल, म्यांमार
राहुल अग्रवाल, शिव शक्ति ग्रुप, नेपाल
★ भारत में 2024-25 यानी चालू सीजन में 20 लाख टन उड़द का उत्पादन का अनुमान जो गत वर्ष से 2 लाख टन कम। आयात 7 लाख टन के बाद 31.2 लाख टन उपलब्धता रहेगी। 27 लाख टन खपत के बाद सीजन के अंत में 37 हजार टन स्टॉक बचने की उम्मीद।
★ 2024-25 में 3.7 लाख टन स्टॉक बचने की उम्मीद। गत वर्ष 4.2 लाख टन था।
★ गत वर्ष उपलब्धता 33.6 लाख टन , आयात 6 लाख टन, खपत 29 लाख टन हुई थी। मटर आयात बढ़ने से सभी दलहनों की खपत पर पड़ा असर।
★ अप्रैल से दिसंबर तक 6 लाख टन मटर हुआ आयात जो गत वर्ष इसी अवधि एक दौरान 4.57, 2022-23 में 3.86 लाख टन था। गत वित्त वर्ष में 6 लाख टन, 2023-24 वित्त वर्ष में 6.24 लाख टन हुआ था आयात।
★ उत्पादन में जो भी कमी आई वह आयात द्वारा पूरी की जाएगी। भारत के लिए म्यांमार के साथ ब्राजील भी उड़द उगा रहा है।
★ 2022-23 में 4100 टन, अक्टूबर 2024 तक 22 हजार टन उड़द ब्राजील ने की निर्यात क्वालिटी बेहद अच्छी।
★ मार्च 2025 तक 50 हजार टन उड़द ब्राजील से आने की सम्भावना।
★ वर्ष 2022 में उड़द की कीमतें काफी निचले स्तर पर थी परन्तु 2023 में उछाल देखा गया। 2024 में ऊंचे भावों पर कीमतों में देखी गयी स्थिरता।
★ म्यांमार में इस वर्ष उड़द का बम्पर 10.5-11 लाख टन उत्पादन संभावित, जो गत वर्ष 8.75 लाख टन था।
★ 2023 में 7.5 लाख टन, 2022 में 7.25 व 2021 में 4 लाख टन उड़द का हुआ था उत्पादन। उपरोक्त आकड़ों को देखें तो उड़द उत्पादन में हो रही वृद्धि।
★ 2025 सीजन में म्यांमार से 9.5 लाख टन उड़द निर्यात की उम्मीद। जनवरी से दिसंबर तक 8.89 लाख टन निर्यात हो चुका है।
★ म्यांमार उड़द के भाव जो 2023 में FAQ 1150 व SQ 1260$/टन पहुंचे थे अब घटर क्रमशः 820 व 930$/टन तक आये।
★ कीमतें घटने का प्रमुख कारण बढ़ती उपलब्धता है।
★ 2023 से 2024 तक FAQ व SQ के भाव 1000$ से अधिक थे।
★ नेपाल में 2023 से 2024 सीजन तक 1,17,38,520 किलो, जुलाई से दिसंबर 2024 तक 7,78,725 किलो उड़द व मूंग का किया आयात।
★ विदेशों में उड़द उपलब्धता अच्छी, ब्राजील के आने के बाद म्यांमार की मोनोपोली ख़त्म।
★ जिस अनुपात में ब्राजील से निर्यात हो रहा है भविष्य में दोनों देशों के बीच बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धा, जैसा मसूर में हुआ।
★ कुल मिलाकर भारत में उड़द उपलब्धता आच्छी बनी रहेगी कीमतों में विशेष तेजी की सम्भावना नहीं।