राजस्थान में गेहूं के बजाए सरसों की सरकारी खरीद की जरूरत

11-Mar-2026 04:42 PM

जयपुर। देश के सबसे प्रमुख सरसों उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में इस महत्वपूर्ण तिलहन फसल की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आवक पहले ही शुरू हो चुकी है

और किसानों द्वारा व्यापारियों / मिलर्स को अपना उत्पाद बेचा जा रहा है लेकिन सरकारी तौर पर इसकी खरीद अभी तक आरंभ नहीं हुई है। इससे किसानों में रोष है। 

दूसरी ओर राज्य में गेहूं की फसल अभी खेतों में ही खड़ी है लेकिन सरकार ने 10 मार्च से इसकी खरीद की घोषणा कर दी है और इसके लिए सभी आवश्यक तैयारी भी पूरी कर ली गई है। राजस्थान केन्द्रीय पूल में गेहूं का योगदान देने वाला चौथा सबसे प्रमुख प्रान्त है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राजस्थान में सरसों की सरकारी खरीद 15 मार्च से शुरू होगी। केन्द्र सरकार ने इस तिलहन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गत वर्ष के 5950 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर इस बार 6200 रुपए प्रति क्विंटल तथा गेहूं का एमएसपी 2425 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया है।

राजस्थान में गेहूं पर किसानों को 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है। इस बार राजस्थान में सरसों की फसल अच्छी स्थिति में है और इसलिए उत्पादन बेहतर हो सकता है।