रबी कालीन दलहन फसलों का रकबा गत वर्ष से 2 लाख हेक्टेयर आगे
02-Dec-2025 10:54 AM
नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में मौजूदा रबी सीजन के दौरान चना एवं मसूर के बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है और उड़द का रकबा गत वर्ष के बराबर हो गया है लेकिन मटर, कुलथी एवं खेसारी जैसे दलहनों का क्षेत्रफल पीछे हो गया है।
इसके बावजूद रबी दलहनों का सकल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 87 लाख हेक्टेयर से आगे निकल गया है जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 85 लाख हेक्टेयर से 2 लाख हेक्टेयर अधिक है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार रबी सीजन के सबसे प्रमुख दलहन- चना का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 60.13 लाख हेक्टेयर से 2.36 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस वर्ष 62.49 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है।
यह 28 नवम्बर तक का आंकड़ा है। इसी तरह मसूर का बिजाई क्षेत्र 10.44 लाख हेक्टेयर से 98 हजार हेक्टेयर बढ़कर 11.42 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है। मूंग का रकबा भी 14 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 16 हजार हेक्टेयर हो गया है।
दूसरी ओर पिछले साल के मुकाबले वर्तमान रबी सीजन में 28 नवम्बर तक मटर का उत्पादन क्षेत्र 6.77 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 6.57 लाख हेक्टेयर,
कुलथी का बिजाई क्षेत्र 1.94 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 1.28 लाख हेक्टेयर, खेसारी का क्षेत्रफल 2.20 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.89 लाख हेक्टेयर तथा अन्य रबी कालीन दलहनों का रकबा 2.03 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.79 लाख हेक्टेयर रह गया।
चालू रबी सीजन के लिए चना (काबुली सहित) का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 101 लाख हेक्टेयर तथा मसूर का 15.13 लाख हेक्टेयर आंका गया है।
लेकिन नवम्बर का महीना लगभग समाप्त होने तक चना का रकबा इस सामान्य क्षेत्रफल से करीब 38.50 लाख हेक्टेयर पीछे चल रहा था।
मध्य प्रदेश इसका सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है लेकिन वहां इसके क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी के संकेत नहीं मिल रहे हैं क्योंकि किसान गेहूं, सरसों एवं मसूर की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं। चना की बिजाई दिसम्बर में भी जारी रहेगी इसलिए फिलहाल कुल रकबे का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
