पश्चिमोत्तर राज्यों में आंधी-वर्षा से रबी फसलों पर खतरा

06-Apr-2026 10:52 AM

नई दिल्ली। देश के पश्चिमोत्तर, मध्यवर्ती एवं दक्षिणी राज्यों में बारिश का प्रकोप देखा जा रहा है। पश्चिमोत्तर एवं मध्यवर्ती प्रांतों में आंधी-तूफान के साथ बेमौसमी वर्षा तथा कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने से रबी फसलों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण बेमौसमी वर्षा का दौर अगले दो-तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना है। उधर दक्षिण भारत के तमिलनाडु एवं केरल के कई भागों में या तो वर्षा हो रही है या होने वाली है। वैसे इन प्रांतों में रबी सीजन की फसलों की खेती सीमित क्षेत्रफल में होती है इसलिए वहां ज्यादा नुकसान नहीं होगा। 

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान जैसे शीर्ष, जौ, चना एवं सरसों उत्पादक राज्यों में फसलें न केवल पक रही हैं बल्कि इसकी जोरदार कटाई-तैयारी भी हो रही है। ऐसे समय में आंधी-तूफान एवं वर्षा का प्रकोप इन फसलों के लिए घातक साबित हो सकता है।

फसलों को काटकर किसान अक्सर इसे सूखने के लिए खेत-खलियान में छोड़ देते हैं। उसे भी इस प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने की आशंका है। इसके अलावा खुली थोक मंडियों में तथा सरकारी क्रय केन्द्रों पर जो उत्पाद खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है वह भी क्षति ग्रस्त हो सकता है। 

हालांकि पिछले साल की तुलना में उपरोक्त चारों जिंसों के बिजाई क्षेत्र में इस बार बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान होने पर उत्पादन में अपेक्षित इजाफा शायद नहीं हो पाएगा और उसके दाने की क्वालिटी खराब हो सकती है।