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21-Sep-2026 05:21 PM
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी यात्रा देश के पश्चिमोत्तर भाग से आरंभ हो चुकी है जो अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी। अभी तक देश में दीर्घकालीन औसत के मुकाबले करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है जबकि अल नीनो मौसम चक्र की स्थिति लगातार मजबूत होती जा रही है।
इस बार मानसून के प्रस्थान की शुरुआत 17 सितम्बर से होनी थी मगर इसमें 2 दिनों की देर हो गई। पश्चिमी राजस्थान से मानसून वापस लौट रहा है लेकिन यह पूरी तरह सूखा रह कर प्रस्थान नहीं करेगा। बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दाब के क्षेत्र के प्रभाव से देश के 19-20 राज्यों में अभी वर्षा का दौर जारी है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों में राजस्थान के कई अन्य क्षेत्रों तथा पंजाब के कुछ भागों के साथ-साथ गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ संभाग से भी मानसून के प्रस्थान करने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। 15 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून समूचे देश से विदा हो जाएगा जबकि 1 अक्टूबर से उत्तर-पूर्व मानसून के आगमन का समय औपचारिक तौर पर आरंभ हो जाता है।
यह मानसून दक्षिण भारत के राज्यों में ज्यादा सक्रिय रहता है और उसे केरल, तमिलनाडु, पांडिचेरी, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना तथा दक्षिणी उड़ीसा में जोरदार बारिश होती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की लेट बारिश से खरीफ सीजन की ऐसी अगैती बिजाई वाली फसलों को नुकसान हो सकता है जो परिपक्व होकर कटाई के लिए तैयार हो चुकी है।