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21-Sep-2026 04:24 PM
लन्दन। इंटरनेशनल ग्रेन्स कौंसिल (आईजीसी) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025-26 के दौरान विश्व स्तर पर जून आटे का कुल कारोबार 2024-25 के मुकाबले घटकर 151 लाख टन (गेहूं के समतुल्य) रह गया जो पिछले पांच साल का न्यूनतम स्तर है। यह आंकड़ा मार्च में लगाए गए अनुमान 160 लाख टन से 9 लाख टन कम है।
वैश्विक कारोबार में आई इस गिरावट का प्रमुख कारण इराक तथा सूडान में मांग कमजोर रहना है। इन दोनों देशों में विभिन्न क्षमता का विकास- विस्तार होने से अब आटा के बजाए गेहूं का आयात बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
इराक में आटा का आयात 80 प्रतिशत घटकर 3 लाख टन पर सिमट गया जो पिछले 21 साल से सबसे कम रहा। इसके फलस्वरूप मध्य पूर्व एशिया में आटा का कुल आयात लगातार तीसरे साल घटकर 18 लाख टन पर सिमट गया जो गत 14 वर्षों का सबसे निचला स्तर है। इसी तरह अफ्रीका महाद्वीप के उप सहारा क्षेत्र में भी आटा का आयात 33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22 लाख टन पर अटक गया।
इसी अवधि के दौरान मिस्र से आटा के निर्यात में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई। वहां से इसका निर्यात 2024-25 सीजन के 19.40 लाख टन से लुढ़ककर 2025-26 के सीजन में 6.35 लाख टन पर अटक गया। तुर्की से भी 34 लाख टन आटा का निर्यात हुआ मगर कजाकिस्तान से शिपमेंट बढ़ गया।