पश्चिमी जोन के जलाशयों में पानी का स्तर अपेक्षाकृत ऊंचा
30-Jan-2026 01:51 PM
नई दिल्ली। हालांकि अखिल भारतीय स्तर पर बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर घटकर उसकी कुल भंडारण क्षमता से 70 प्रतिशत से नीचे आ गया है लेकिन पश्चिमी संभाग में यह 80 प्रतिशत से ऊपर है। बांधों-जलाशयों में दृष्टिकोण से देश को पांच संभागों (जोन) में विभाजित किया गया है।
पश्चिमी जोन के 53 प्रमुख जलाशयों में फिलहाल 30.578 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक मौजूद है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 38.094 बीसीएम का 80.3 प्रतिशत है। इस जोन में महाराष्ट्र गुजरात एवं गोवा शामिल है।
उत्तरी क्षेत्र के 11 जलाशयों में 19.836 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले 63 प्रतिशत या 12.570 बीसीएम पानी का स्टॉक बचा हुआ है। राजस्थान, पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश के जलाशय इसमें सम्मिलित है।
इसी तरह पूर्वी क्षेत्र के 27 बांधों में 14.466 बीसीएम पानी का स्टॉक मौजूद है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 21.759 बीसीएम का 66.48 प्रतिशत है। पूर्वी क्षेत्र में बंगाल, बिहार, झारखंड, उड़ीसा एवं असम सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रान्त भी शामिल है।
देश के मध्यवर्ती संभाग में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं उत्तराखंड जैसे राज्य सम्मिलित है। इस संभाग में 28 जलाशय हैं जिसकी कुल भंडारण क्षमता 48.588 बीसीएम की है।
इसके मुकाबले वहां 34.324 बीसीएम या 70.65 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ है। दक्षिण भारत में भी 47 बांधों में 34.415 बीसीएम पानी का भंडार उपलब्ध है जबकि उसकी कुल भंडारण क्षमता 55.288 बीसीएम की है।
इस संभाग में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु एवं केरल जैसे राज्य अवस्थित हैं। उत्तर-पूर्व मानसून की सक्रियता समाप्त होने से वहां बारिश कम हो रही है।
