पश्चिम एशिया में शिपमेंट जारी रखने में सरकारी सहयोग का आश्वसन
04-May-2026 06:00 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने निर्यातकों को पश्चिम एशिया के साथ अपना निर्यात कारोबार जारी रखने का सुझाव देते हुए आश्वस्त किया है कि इसमें आने वाली बाधाओं एवं कठिनाइयों को दूर करने में सरकार हर संभव सहयोग- समर्थन प्रदान करेगी। सरकार पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न देशों के साथ पहले से ही सम्पर्क में है और ईरान के साथ भी बातचीत कर रही है। इसके साथ-साथ विभिन्न स्कीमों एवं निर्यात संवर्धन मिशन के अंतर्गत सहायता के लिए प्राप्त होने वाले अनुरोध की प्रोसेसिंग शीघ्रता से की जा रही है।
सरकार ने निर्यातकों से स्वीकार देशों में वाणिज्यिक वस्तुओं के भंडारण हेतु वेयर हाउस अथवा अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए नया प्रस्ताव भी तैयार करने के लिए कहा है जो निर्यात संवर्धन मिशन का एक महत्वपूर्ण अवयव है। विपणन के लिए निर्यात संवर्धन परिषदों से एक तीन वर्षीय रोलिंग इवेंट कैलेंडर तैयार करने के लिए कहा गया है जिसमें छोटे एवं मध्यम श्रेणी के निर्यातकों को विशेष प्राथमिकता दी जाए और साथ ही साथ खरीदारों विक्रेतों की मीटिंग के लिए बड़े पैमाने पर (मेगा) कार्यक्रम आयोजित किये जाएं।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया एवं खाड़ी क्षेत्र अनेक भारतीय उत्पादों के निर्यात का महत्वपूर्ण बाजार है लेकिन ईरान- अमरीका युद्ध के कारण वहां हाल के महीनों में निर्यात प्रदर्शन अभी कमजोर पड़ गया। गत वर्ष की तुलना में इस बार वहां निर्यात 57.9 प्रतिशत घटकर 2.50 अरब डॉलर रह गया।
सरकार ने 19 मार्च को रेजीलेंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटर वेंसन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन (रेलिफ) योजना की शुरुआत की ताकि निर्यातकों के ऋण जोखिम को कवर करते हुए ऊंचे परिवहन खर्च एवं बीमा व्यय की चुनौतियों का सामान करने में सक्षम बनाया आज सके। इस सम्बन्ध में कई दावे निर्यातकों की ओर से प्राप्त हुए हैं और उसमें से कुछ दावों के लिए भुगतान भी पहले ही किया जा चुका है।
