चार साल के बाद भारत से गेहूं का व्यापारिक निर्यात दोबारा शुरू

04-May-2026 05:06 PM

नई दिल्ली। भारतीय व्यापारिक फर्मों ने चार साल के लम्बे अंतराल के बाद गेहूं के निर्यात शिपमेंट की प्रक्रिया पुनः आरंभ कर दी है। प्राप्त सूचना के अनुसार एक अग्रणी फर्म द्वारा गुजरात के कांडला बंदरगाह पर जहाज में 22 हजार टन गेहूं की लोडिंग करवाई जा रही है जिसे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मई 2022 में केन्द्र सरकार ने भारत से गेहूं के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन वर्ष 2026 में व्यापारिक फर्मों को 50 लाख टन गेहूं के निर्यात की स्वीकृति प्रदान की है। 

घरेलू उत्पादन शानदार होने तथा सरकारी स्टॉक काफी ऊंचा रहने से गेहूं का निर्यात दोबारा खोला गया है। इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का घरेलू बाजार भाव नरम चल रहा है जबकि वैश्विक बाजार मूल्य में मजबूती आने लगी है। शिपमेंट चार्ज बढ़ गया है। इससे दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा मध्य पूर्व के देशों में भारतीय गेहूं कुछ हद तक प्रतिस्पर्धी हो गया है। 

भारतीय निर्यातक गेहूं के निर्यात अनुबंध के लिए विभिन्न देशों के साथ सम्पर्क में हैं और आगामी समय में उन्हें अपने प्रयास में अच्छी सफलता मिलने की उम्मीद है। दक्षिण एशिया में बांग्ला देश, नेपाल, भूटान, म्यांमार एवं अफगानिस्तान जैसे देशों में भारतीय गेहूं की अच्छी मांग निकलने की संभावना है।

इसी तरह दक्षिण-पूर्व एशिया में वियतनाम, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, इंडोनेशिया एवं सिंगापुर सहित  कुछ अन्य देश भारतीय गेहूं की खरीद में दिलचस्पी दिखा सकते हैं। खाड़ी क्षेत्र के देशों में भी भारत से गेहूं का निर्यात हो सकता है। इसकी पहली खेप जल्दी ही संयुक्त अरब अमीरात के लिए रवाना होने वाली है।

निर्यात संवर्धन के लिए कीमतों का प्रतिस्पर्धी स्तर पर रहना आवश्यक है। रूस, कनाडा, अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन तथा अर्जेन्टीना सहित अन्य आपूर्तिकर्ता देशों के निर्यातक पहले से ही इन बाजारों में सक्रिय हैं जिसकी सख्त प्रतिस्पर्धा एवं कठिन चुनौती का सामना करना भारत के लिए आसान नहीं होगा।