पश्चिम एशिया में संकट से चीनी का निर्यात प्रभावित होने की आशंका

09-Mar-2026 01:53 PM

मुम्बई। 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान भारत से खासकर अफगानिस्तान एवं खाड़ी क्षेत्र के देशो में चीनी का निर्यात काफी हद तक प्रभावित होने की आशंका है क्योंकि पश्चिम एशिया में ईरान-इजराइल युद्ध की वजह से भयंकर अफरा-तफरी एवं अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इसके आलावा भारतीय चीनी का निर्यात ऑफर मूल्य भी गैर प्रतिस्पर्धी चल रहा है जिससे इसकी मांग कमजोर पड़ गई है। निर्यात प्रदर्शन कमजोर रहने पर चीनी की घरेलू आपूर्ति एवं उपलब्धता में सुधार आएगा और कीमतों में तेजी की संभावना घट जाएगी। 

चालू मार्केटिंग सीजन दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन उम्मीद से काफी कम होने की संभावना है। इसके उत्पादन अनुमान में भारी कटौती की जा रही है ऐसी हालत में अगर नियत कोटे के अनुरूप देश से 20 लाख टन चीनी का निर्यात हो जाता है तो देश में इसकी मांग एवं आपूर्ति का समीकरण जटिल हो जाएगा। 

अफगानिस्तान तथा पश्चिम एशिया में भारत से प्रतिमाह औसतन 60-70 हजार टन चीनी का  निर्यात होता है। सितंबर 2026 तक वहां कुल निर्यात 5 लाख टन तक पहुंच जाने की उम्मीद थी लेकिन अब शायद ऐसा नहीं हो पाएगा। इसी तरह एशिया के अन्य देशो एवं अफ्रीका में महंगी भारतीय चीनी का आयात कम होने की संभावना है।