प्रमुख खरीदार देशों में भारतीय ऑयल मील के आयात में गिरावट
20-Jan-2025 04:13 PM
मुम्बई । निर्यात ऑफर मूल्य में नरमी आने के बावजूद भारतीय ऑयल मील के शिपमेंट का प्रदर्शन उत्साहवर्धक नहीं है और खासकर सरसों खल के निर्यात में भारी गिरावट देखी जा रही है।
इसके फलस्वरूप अप्रैल- दिसम्बर 2024 के नौ महीनों में देश से डीओसी का कुल निर्यात घटकर 31.51 लाख टन पर सिमट गया जो वर्ष 2023 के इन्हीं महीनों के कुल शिपमेंट 34.97 लाख टन से करीब 10 प्रतिशत कम रहा। वैसे सोयामील के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
इन नौ महीनों की अवधि में दक्षिण कोरिया, वियतनाम, थाईलैंड, बांग्ला देश, ईरान तथा ताईवान भारतीय ऑयल मील के प्रमुख खरीदार रहे मगर वहां गत वित्त वर्ष से काफी कम मात्रा में इसका आयात किया गया।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-दिसम्बर 2023 के मुकाबले अप्रैल-दिसम्बर 2024 के दौरान भारत से ऑयल मील का निर्यात दक्षिण कोरिया को 7.30 लाख टन से 26.73 प्रतिशत घटकर 5.35 लाख टन, वियतनाम को 3.62 लाख टन से 46.64 प्रतिशत घटकर 1.93 लाख टन,
थाईलैंड को 4.95 लाख टन से गिरकर 3.26 लाख टन, बांग्ला देश को 6.63 लाख टन से फिसलकर 5.48 लाख टन, ईरान को 2.33 लाख टन से घटकर 1.55 लाख टन तथा ताईवान को 1.30 लाख टन से गिरकर 1.01 लाख टन पर अटक गया।
दिसम्बर 2024 में सोयाबीन डीओसी का निर्यात ऑफर मूल्य 363 डॉलर प्रति टन, सरसों खल का 270 डॉलर प्रति टन तथा अरंडी मील का 81 डॉलर प्रति टन रह गया जबकि नवम्बर में यह क्रमश: 372 डॉलर, 270 डॉलर एवं 85 डॉलर प्रति टन दर्ज किया गया था।
दिसम्बर 2023 में निर्यात ऑफर मूल्य सोयामील का 539 डॉलर प्रति टन, सरसों खल का 324 डॉलर तथा अरंडी मील का 103 डॉलर प्रति टन रहा था। डि ऑयल्ड राइस ब्रान के निर्यात पर लम्बे समय से प्रतिबंध लगा हुआ है।
