पंजाब में खरीदे गए गेहूं के स्टॉक को आंधी-वर्षा से खतरा
04-May-2026 01:53 PM
चंडीगढ़। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में पिछले साल के मुकाबले चालू रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान गेहूं की सरकारी खरीद में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है लेकिन क्रय केन्द्रों से इसके उठाव की गति धीमी बनी हुई है।
3 मई की सुबह से ही पंजाब के विभिन्न भागों में आंधी-वर्षा का दौर शुरू हो गया जबकि 4 और 5 मई को भी इसी तरह का मौसम वहां बरकरार रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसके फलस्वरूप खेतों में खड़ी फसल के साथ-साथ क्रय केन्द्रों पर खरीदे गए गेहूं के स्टॉक को भी क्षति होने की आशंका है। समूचे पंजाब में गेहूं की खरीद के लिए इस बार 1872 क्रय केन्द्र खोले गए हैं जहां 15 मई तक खरीद की प्रक्रिया जारी रहेगी।
इस प्राकृतिक आपदा से हो रहे नुकसान को देखते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की चिंता बढ़ गई है। ज्ञात हो कि मार्च के अंतिम एवं अप्रैल के शुरुआती दिनों में भी वहां बेमौसमी वर्षा एवं आंधी-तूफान से गेहूं की फसल कई क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त हो गई थी जिससे केन्द्र सरकार को वहां गेहूं की गुणवत्ता से संबंधित नियमों-शर्तों में रियायत (ढील) देनी पड़ी थी।
वर्तमान समय की प्राकृतिक आपदा भी खतरनाक है क्योंकि यह क्रय केन्द्रों में उठाव की प्रतीक्षा में पड़े गेहूं के स्टॉक को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। उधर खेतों में गेहूं की फसल परिपक्व हो चुकी है और कटाई के लिए तैयार है। इस फसल को भी आंधी-वर्षा से नुकसान होगा।
जालंधर अमृतसर, तरन तारन, रोपड़, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, लुधियाना, फिरोजपुर एवं मोगा जैसे जिलों में भारी वर्षा होने की सूचना मिल रही है। तेज हवा के साथ हुई इस बारिस से मंडियों में गेहूं का स्टॉक क्षतिग्रस्त हो रहा है। इन मंडियों में करीब 58 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद है जिसका उठाव होना अभी बाकी है। पंजाब में इस बार 122 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
