पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद के बीच क्वालिटी की समस्या बरकरार

15-Apr-2026 12:19 PM

चंडीगढ़। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में मौसम साफ होने और बैसाखी पर्व के  बीत जाने से सरकारी क्रय केन्द्रों पर गेहूं की आवक बढ़ने लगी है और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इसकी खरीदारी भी आरंभ हो चुकी है लेकिन पिछले दिनों के प्रतिकूल मौसम से फसल को हुए नुकसान के कारण गेहूं की क्वालिटी की समस्या अभी बरकरार है। सरकारी क्रय केन्द्रों पर सामान्य औसत क्वालिटी का गेहूं ही स्वीकार किया जा रहा है। 

उल्लेखनीय है कि 12 अप्रैल से गेहूं की खरीद बंद कर दी गई थी और इसका कारण यह बताया गया था कि किसानों से नमी के ऊंचे अंश वाले गेहूं की खरीद के लिए राजनीतिक दबाव डाला जा रहा है और निर्धारित गुणवत्ता मानकों को नजरअंदाज करने के लिए कहा जा रहा है। 

प्रांतीय एजेंसियों- पनसप, पनग्रेन, मार्कफेड एवं पंजाब राज्य भंडारण निगम के स्टाफ का कहना था कि उसे खरीदे गए अनाज की गुणवत्ता को बरकरार रखना पड़ता है और तभी भारतीय खाद्य निगम को उसका स्टॉक सुपुर्द किया जा सकता है।

बाद में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के साथ विचार-विमर्श किया गया और अब वहां गेहूं की दोबारा खरीद आरंभ हो गई। एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाले गेहूं की ही खरीद अभी नहीं हो रही है और केन्द्र सरकार से गुणवत्ता मानकों में ढील देने का जो अनुरोध किया गया है वह मामला अभी  लंबित है।