रूई के शुल्क मुक्त आयात की अवधि बढ़ाने का आग्रह
29-Dec-2025 10:50 AM
कोयम्बटूर। तमिलनाडु स्पिनिंग मिल्स एसोसिएशन (तस्मा) ने केन्द्रीय वित्त मंत्री से रूई के शुल्क मुक्त आयात की अवधि को बढ़ाने का आग्रह किया है। इसकी समय सीमा 31 दिसम्बर 2025 को समाप्त हो रही है। एसोसिएशन के अनुसार कपास के घरेलू उत्पादन में गिरावट आने से इसका अभाव महसूस हो सकता है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री को भेजे एक पत्र में एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा है कि कपास की घरेलू पैदावार कम हुई है और आगामी समय में टेक्सटाइल मिलों को रूई की नमी का सामना करना पड़ सकता है।
यदि विदेशों से रूई के शुल्क मुक्त आयात को जारी रखने का निर्णय लिया जाए तो उद्योग को आसानी होगी और उसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपने उत्पादों की कीमतों को प्रतिस्पर्धी स्तर पर रखने में सहायता मिलेगी।
एक प्रमुख खरीदार देश- अमरीका में भारतीय वस्त्र उत्पादों पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम आयात शुल्क लगा हुआ है जिससे वहां इसका दाम नीचे रखना पड़ता है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व केन्द्र सरकार ने रूई के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा को 30 सितम्बर से बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2025 नियत किया है। पहले रूई का भाव नरम चल रहा है। भारत में विदेशों से विशाल मात्रा में रूई का आयात नियमित रूई से हो रहा है।
