News Capsule/न्यूज कैप्सूल: एल नीनो और युद्ध संकट से एशिया के चावल उत्पादन पर बढ़ा खतरा, वैश्विक कीमतों में फिर आ सकती है तेजी
25-Jul-2026 10:29 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: एल नीनो और युद्ध संकट से एशिया के चावल उत्पादन पर बढ़ा खतरा, वैश्विक कीमतों में फिर आ सकती है तेजी
★ एशिया के प्रमुख चावल उत्पादक देशों पर इस वर्ष दोहरा संकट मंडरा रहा है। एक ओर तेज़ी से मजबूत हो रहा एल नीनो सूखे और कमजोर मानसून का खतरा बढ़ा रहा है, वहीं पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ईंधन और उर्वरकों की लागत बढ़ने से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों कारणों से एशिया के चावल उत्पादन और वैश्विक आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।
★ भारत, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में कमजोर वर्षा और ऊंची लागत के कारण उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। विशेष रूप से भारत में मानसून सामान्य से कम रहने के कारण धान की बुवाई पहले ही पिछले वर्ष से पीछे चल रही है, जिससे बाजार की चिंताएं बढ़ी हैं।
★ विश्लेषकों का कहना है कि यदि एल नीनो और मजबूत होता है, तो कई एशियाई देशों में उत्पादन घट सकता है और सरकारें घरेलू खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्यात पर प्रतिबंध या नियंत्रण जैसे कदम उठा सकती हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चावल की उपलब्धता कम होने और कीमतों में फिर से तेज़ी आने की संभावना बढ़ जाएगी।
★ हालांकि, भारत सहित कुछ प्रमुख उत्पादक देशों के पास फिलहाल पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं, जिससे अल्पकाल में वैश्विक आपूर्ति को कुछ राहत मिल सकती है। फिर भी मौसम और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर बाजार की नजर बनी हुई है, क्योंकि आने वाले महीनों में यही चावल बाजार की दिशा तय करेंगे
