नई फसल की आवक के बावजूद गेहूं का भाव मजबूत
20-Apr-2024 07:41 PM
नई दिल्ली। देश के सभी उत्पादक राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान एवं बिहार आदि में गेहूं की नई फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो चुकी है और सरकारी एजेंसियां इसकी खरीद भी कर रही हैं लेकिन फिर भी 13-19 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान इसका थोक मंडी भाव स्थिर या मजबूत देखा गया। दिल्ली में यूपी / राजस्थान के गेहूं के दाम 20 रुपए सुधरकर 2470 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। गेहूं की दैनिक आवक 5-6 हजार बोरी के बीच रही।
गुजरात
गुजरात के गोंडल में तो गेहूं का दाम स्थिर रहा मगर राजकोट में 50 रुपए गिरकर 2500/3150 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। मध्य प्रदेश की बेंचमार्क इंदौर मंडी में गेहूं का भाव 268 रुपए की भारी तेजी के साथ 2200/3300 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। हालांकि देवास, उज्जैन, हरदा, खंडवा, भोपाल तथा इटारसी में गेहूं का भाव पिछले स्तर पर ही स्थिर रहा मगर डबरा में 25 रुपए सुधरकर 2325/2425 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। मध्य प्रदेश की मंडियों में गेहूं की अच्छी आवक हो रही है मगर हाल के दिनों में इसकी रफ्तार कुछ घटने की सूचना है।
राजस्थान
राजस्थान की मंडियों- कोटा, बारां एवं बूंदी में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गेहूं के दाम में कोई विशेष उत्तर-चढ़ाव नहीं देखा गया। मालूम हो कि मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में किसानों में 2400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की सरकारी खरीद हो रही है जिसमें 2275 रुपए का न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा 125 रुपए का बोनस शामिल है।
भाव
सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश में 13-19 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान गेहूं के दाम में 15 से 50 रुपए तक की तेजी दर्ज की गई। एटा में गेहूं का दाम 50 रुपए की वृद्धि के साथ 2210 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। दिलचस्प तथ्य यह है कि राज्य की अनेक मंडियों में गेहूं का दाम घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास या उससे नीचे आ गया है। जिसके सरकार को इसकी खरीद बढ़ाने में सफलता मिल सकती है। उत्तर प्रदेश में खरीद का लक्ष्य (60 लाख टन) पूरा होने तक व्यापारियों को मंडियों से दूर रहने के लिए कहा गया है।
