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नाफेड व आयातकों की बिकवाली से मसूर में गिरावट जारी, कमजोर मांग से बाजार पर दबाव

22-Oct-2026 04:25 PM

नाफेड व आयातकों की बिकवाली से मसूर में गिरावट जारी, कमजोर मांग से बाजार पर दबाव

घरेलू बाजार में नाफेड और आयातकों की बिकवाली का दबाव बढ़ने तथा दाल मिलों की कमजोर मांग के चलते मसूर की कीमतों में गिरावट का रुख बना हुआ है। आयातित मसूर में पर्याप्त उपलब्धता और सीमित लिवाली के कारण बाजार की धारणा कमजोर बनी हुई है।

कनाडा से लगभग 59,000 टन दलहन लेकर आया एक जहाज 21 अक्टूबर 2026 को मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा, जिसमें करीब 56,000 टन मसूर और 3,000 टन मटर शामिल हैं। जहाज के पहुंचने से बंदरगाह पर आयातित मसूर की उपलब्धता बनी हुई है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है।

दूसरी ओर, मसूर दाल में मांग कमजोर रहने से दाल मिलों की खरीद सीमित बनी हुई है। नाफेड और आयातकों की बिकवाली के बीच बाजार को मांग का पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पा रहा है।

ऐसे में निकट अवधि में मसूर बाजार में तेजी टिकना मुश्किल दिखाई देता है। आगे कीमतों की दिशा दाल मिलों की मांग, आयातित माल की बिकवाली और घरेलू बाजार में उपलब्ध स्टॉक पर निर्भर करेगी।