नैफेड के पास चना का सीमित स्टॉक होने से बाजार भाव अनियंत्रित

28-May-2024 07:53 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय कृषि मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) के पास कम से कम 10 लाख टन चना का बफर स्टॉक मौजूद रहने का नियम है मगर अब उसके पास स्टॉक घटकर इससे नीचे आ गया है।

उल्लेखनीय है कि मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत नैफेड द्वारा 2022 में करीब 26 लाख टन तथा 2023 में लगभग 23 लाख टन चना की खरीद की गई थी जिससे इसका बफर स्टॉक काफी बढ़ गया था।

बाद में इसे घटाने का जोरदार प्रयास किया गया और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में आपूर्ति, राज्यों को बिक्री तथा खुले बाजार में बिकवाली आदि के माध्यम से चना का स्टॉक घटाया गया। इसके अलावा भारत ब्रांड दाल के लिए भी सरकारी एजेंसियों को चना की आपूर्ति की गई। 

सरकार को उम्मीद थी कि पिछले दो वर्षों की भांति इस बार भी किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर विशाल मात्रा में चना की खरीद करने और फिर बफर स्टॉक बढ़ाने में सफलता मिल जाएगी।

लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। चना का एमएसपी इस बार 5440 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ है जबकि राजस्थान एवं मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक प्रांतों में इसका भाव करीब 35 प्रतिशत ऊंचा यानी 7200-7300 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है।

इससे नैफेड की खरीदारी अटक गई है। चूंकि नैफेड के पास पिछला स्टॉक कम है और नए माल की जोरदार खरीद भी नहीं हो रही है इसलिए चना का बाजार धीरे-धीरे अनियंत्रित होता जा रहा है।

सरकार कीमतों में तेजी पर अंकुश लगाने का हर संभव प्रयास कर रही है और इस क्रम में उसने देसी चना के आयात को 31 अक्टूबर 2024 तक के लिए शुल्क मुक्त कर दिया है

लेकिन इसका कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया है जिस चना का भाव पहले 5500/6000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचना बड़ी बात माना जाता था वह अब 7000 रुपए प्रति क्विंटल को आधार बिंदु बनता प्रतीत हो रहा है।