मौसम की अनुकूल स्थिति से रागी का उत्पादन बेहतर
12-Mar-2026 08:29 PM
नई दिल्ली। मोटे अनाज / श्री अन्न परिवार के एक महत्वपूर्ण सदस्य- रागी का उत्पादन मुख्यतः खरीफ सीजन में होता है। वैसे रबी सीजन तथा जायद सीजन में भी इसकी थोड़ी-बहुत पैदावार होती है मगर सरकारी आंकड़ों में उसकी गणना नहीं होती है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार रबी कालीन रागी का बिजाई क्षेत्र 2024-25 के 70 हजार हेक्टेयर से 27 हजार हेक्टेयर बढ़कर 2025-26 के सीजन में 97 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा था इसी तरह जायद सीजन में भी इसका क्षेत्रफल 7 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 17 हजार हेक्टेयर हो गया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार 2025-26 के सीजन में रागी का कुल घरेलू उत्पादन बढ़कर 20.07 लाख टन पर पहुंचने की संभावना है जो 2024-25 सीजन के उत्पादन 19.77 लाख टन से 30 हजार टन ज्यादा है।
इससे पूर्व देश में 2023-24 के सीजन में 16.70 लाख टन, 2022-23 के सीजन में 16.91 लाख टन तथा 2021-22 में 17.01 लाख टन रागी का उत्पादन हुआ था। केन्द्र सरकार अब रागी के उत्पादन संवर्धन को प्रोत्साहित कर रही है।
कर्नाटक देश में रागी का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य माना जाता है। इसके साथ-साथ आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र एवं उड़ीसा सहित कुछ अन्य राज्यों में भी इसका उत्पादन होता है।
रागी की खरीफ कालीन फसल की कटाई-तैयारी पहले ही समाप्त हो चुकी है और अब रबी कालीन फसल की आवक शुरू होने वाली है।
