मार्च-दिसम्बर 2023 के दौरान 88.50 लाख टन सरसों की क्रशिंग होने का अनुमान

02-Jan-2024 03:37 PM

जयपुर । एक तरफ देश में सरसों की नई फसल के लिए बिजाई प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है तो  दूसरी ओर पुराने स्टॉक की क्रशिंग- प्रोसेसिंग नियमित रूप से जारी है।

जयपुर (राजस्थान) के चांदपोल की अनाज मंडी में अवस्थित मशहूर प्रतिष्ठान मैसर्स मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि चालू सीजन में मार्च से दिसम्बर 2023 के दस महीनों के दौरान देश में कुल 88.50 लाख टन सरसों की क्रशिंग हुई।

इसके तहत मार्च में 11 लाख टन, अप्रैल में 9 लाख टन, मई में 8 लाख टन, जून तथा जुलाई में 9-9 लाख टन, अगस्त में 8.50 लाख टन, सितम्बर में 7.50 लाख टन, सरसों की क्रशिंग हुई। इस महत्वपूर्ण तिलहन की क्रशिंग साल भर तक चलती रहती है। 

एजेंसी के अनुसार मार्च से दिसम्बर 2023 के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्यों में कुल 102.50 लाख टन सरसों की आवक हुई। इसके तहत राजस्थान की थोक मंडियों में 42.85 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 9.05 लाख टन, पंजाब / हरियाणा में 4.00 लाख टन, गुजरात में 4.25 लाख टन, मध्य प्रदेश की आवक हुई।

इसके अलावा दो सरकारी एजेंसियों- नैफेड तथा हैफेड के क्रय केन्द्रों पर 14.00 लाख टन सरसों की आपूर्ति हुई जिसकी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई। एजेंसी के मुताबिक कुल मिलाकर मार्च में 16 लाख टन, अप्रैल में 17.50 लाख टन,

मई में 11.50 लाख टन, जून में 10.50 लाख टन, जुलाई में 13 लाख टन, अगस्त में 8 लाख टन, सितंबर में 6 लाख टन, अक्टूबर में 7.50 लाख टन, नवम्बर में 7.00 लाख टन एवं दिसम्बर 2023 में 5.50 लाख टन सरसों की आवक हुई।

मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल चतर के अनुसार उद्योग-व्यापार संगठनों द्वारा 2022-23 के रबी सीजन में 113 लाख टन सरसों के घरेलू उत्पादन का अनुमान लगाया गया जिसमें राजस्थान में 52 लाख टन,

मध्य प्रदेश में 16 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 14 लाख टन, पंजाब / हरियाणा में 9 लाख टन, गुजरात में 4.75 लाख टन तथा बिहार-बंगाल सहित अन्य प्रांतों में 17.25 लाख टन का संभावित उत्पादन शामिल है।

इसके अलावा 6 लाख टन सरसों का पुराना स्टॉक भी मौजूद था जिससे कुल उपलब्धता 119 लाख टन पर पहुंची। इसमें से 7 लाख टन का उपयोग फरवरी में हो गया और 1 मार्च से आरंभ होने वाले मार्केटिंग सीजन के लिए 112 लाख टन सरसों का स्टॉक मौजूद रहा। उसमें से दिसम्बर 2023 तक 102.50 लाख टन की आवक हो गई

और इस तरह 1 जनवरी 2024 को किसानों के पास 9.50 लाख टन सरसों का स्टॉक कहा गया। मार्च-दिसम्बर 2023 के दौरान 88.50 लाख टन सरसों की क्रशिंग हुई और सरकारी एजेंसियों द्वारा 3.75 लाख टन सरसों बेची गई।

मंडियों में कुल आवक भी 88.50 लाख टन की हुई। इस तरह किसानों के पास 9.50 लाख टन उद्योग व्यापार के पास 3.75 लाख टन एवं सरकारी एजेंसियों के पास 10.25 लाख टन सरसों का स्टॉक मौजूद है।