मैन्युफैक्चरिंग उद्योग को बढ़ावा देने हेतु कच्चे माल पर आयात शुल्क में कटौती संभव
20-Jan-2025 07:45 PM
नई दिल्ली । वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 1 फरवरी 2025 को संसद में पेश होने वाले आम बजट में सरकार चिकित्सा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक सामान तथा फूट वेयर उद्योग आदि में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (इनपुट) पर सीमा शुल्क की दर में कटौती कर सकती है
ताकि इन उत्पादों का लागत खर्च घटाने एवं निर्यात बढ़ाने में सहायता मिल सके। इन उद्योगों द्वारा लम्बे समय से इसकी मांग की जा रही है।
जहां तक कृषि क्षेत्र का सवाल है तो उसके लिए कुछ उपयोगी घोषणाएं की जा सकती हैं। सरकार दलहन-तिलहन का उत्पादन बढ़ाकर दलहनों एवं खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता घटाने का प्रयास कर रही है।
खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में पहले ही बढ़ोत्तरी हो चुकी है और दलहनों के आयात-निर्यात की नीति में भी काफी बदलाव किए जा चुके हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि तुवर, उड़द, मूंग, चना एवं मसूर जैसे दलहनों तथा सोयाबीन, मूंगफली, सरसों, तिल एवं सूरजमुखी जैसे तिलहनों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार किस तरह की नीतियां बनाती हैं क्योंकि खाद्य तेलों एवं दलहनों के आयात पर प्रति वर्ष अरबों डॉलर खर्च हो रहे हैं जिससे राष्ट्रीय अर्थ व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
गेहूं, चावल एवं मक्का सहित अन्य अनाजों का घरेलू उत्पादन सामान्य हो रहा है लेकिन मांग एवं खपत में तेजी से हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए मक्का के उत्पादन संवर्धन की सख्त आवश्यकता महसूस होने लगी है।
कृषि क्षेत्र के लिए प्रत्येक बजट में नई-नई नीतियां घोषित होती हैं और इसके लिए विशाल धनराशि भी आवंटित की जाती है। इस बार का बजट भी उससे अलग नहीं होगा।
