मलेशिया में फरवरी के लिए सीपीओ पर 10 प्रतिशत का निर्यात शुल्क बरकार
18-Jan-2025 12:57 PM
कुआलालम्पुर । क्रूड पाम तेल (सीपीओ) के अत्यन्त ऊंचे भाव को देखते हुए मलेशिया सरकार ने इस पर उच्चतम स्तर का निर्यात शुल्क बरकरार रखने का फैसला किया है।
सरकारी संख्या- मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (एम्पोब) द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार फरवरी 2025 के लिए भी सीपीओ पर 10 प्रतिशत का निर्यात शुल्क निर्धारित किया गया है जबकि इसका रिफ्रेंस प्राइस (संदर्भ मूल्य) कुछ कम आंका गया है। लेकिन यह संदर्भ मूल्य 10 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाने के आधार से ऊंचा है।
एम्पोब के अनुसार मलेशिया दुनिया में पाम तेल का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। वहां फरवरी माह के लिए सीपीओ का संदर्भ मूल्य 4817.70 रिंगिट (1071.79 डॉलर) प्रति टन आंका गया है जबकि जनवरी 2025 के लिए यह 5001.72 रिंगिट प्रति टन रहा था।
उल्लेखनीय है कि मलेशिया में क्रूड पाम तेल पर निर्यात शुल्क के आंकलन का एक निश्चित ढांचा या फार्मूला लागू है। इसके तहत यदि सीपीओ का संदर्भ मूल्य 2250 रिंगिट प्रति टन से नीचे आता है तो उस पर कोई निर्यात शुल्क नहीं लगेगा लेकिन 2250 से 2400 रिंगिट प्रति टन के बीच संदर्भ मूल्य रहने पर 3 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू होगा।
यह आरंभिक स्तर है। इससे ऊपर संदर्भ मूल्य जैसे-जैसे आगे बढ़ता जाएगा, इस पर निर्यात शुल्क भी उतना ही ऊंचा होता जाएगा। लेकिन उच्चतम निर्यात शुल्क 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगा।
यह 10 प्रतिशत का निर्यात शुल्क तभी लागू जब होगा जब सीपीओ का संदर्भ मूल्य 4050 रिंगिट प्रति टन से ऊपर रहे।
क्रूड पाम तेल का भाव सोयाबीन तेल से ऊंचा होने के कारण इसका निर्यात प्रभावित होने की आशंका है। भारत में पाम तेल का आयात जनवरी में घटकर 4 लाख टन से नीचे रहने की संभावना है।
